हरदुआगंज क्षेत्र में सिकंदरपुर माछुआ झाल के बराबर से निकल रहे रजवाहे पर सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी और उनसे भी आगे प्रशासन को शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार है!
अंग्रेजों के जमाने का 20 फुट लंबा और 10 फुट चौड़ा पुल डेढ़ माह से क्षतिग्रस्त है। नीचे बह रहे पानी की वजह से लगातार दोनों साइड से कटान के चलते पटरी खत्म हो चुकी है। सड़क पर बड़ी बड़ी दरारें पड़ी हैं जो कभी भी धसकी सकती है। इस रास्ते पर दो बड़े स्कूलों की बसों के साथ ही दर्जनों गांवों के लोग दिन रात निकल रहे हैं। अचानक सड़क धसकी तो कोई बड़ा दर्द दे जाएगी।
इसी रास्ते पर हैरिटेज व शांति निकेतन स्कूल है। इन स्कूलों की बसें बच्चों को भरकर सुबह, शाम टूटे पुल से फर्राटा भरते निकल रही हैं। सिकंदरपुर ग्राम प्रधान सुशील कुमार सिंह के अनुसार डेढ़ माह पूर्व पुल की दोनों साइड की दीवार गिर गईं थी।
जिलाधिकारी कार्यालय सहित संबंधित विभाग को जानकारी दी गई। आज तक मरम्मत का प्रयास नहीं हुआ। राहगीरों को पुल टूटा होने के लिए सचेत करने वाला संकेतक बोर्ड तक नहीं लगाया गया। सड़क की साइड दरकने से चौड़ाई 10 फिट से घटकर 5 फिट रह गई है।
धनीपुर ब्लाक प्रमुख पति ठा. तेजवीर सिंह के साथ ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत की। सिंचाई विभाग को डीएम निर्देश दे दिये, लेकिन सिंचाई विभाग ने पीडब्लूडी पर जिम्मेदारी डाल खुद का पल्ला झाड़ लिया। उधर पीडब्ल्यूडी के अफसर कहते हैं रजवाहा सिंचाई विभाग है तो वह ही जाने।
- सडक का मामला संज्ञान में है लेकिन पुल जानकारी मुझे नहीं है, सहायक अभियंता से इसकी जानकारी की जायेगी। - राजीव गोविल (अधिशासी अभियंता, पीडब्लूडी खंड 1)
- पुल निर्माण की जिम्मेदारी तो पीडब्लूडी की ही है क्योंकि यहां उनकी सड़क है लेकिन अब हम इस्टीमेट बनवाने की पहल कर रहे हैं। - विवेक बर्ष्णेय (सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग)