ठंड बढ़ते ही लोगों का दिल धोखा देने लगा है। जिला अस्पताल में आए-दिन हार्टअटैक से मौत के मामले सामने आ रहे हैं। पिछले तीन दिनों में तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक माह में अचानक होने वाली मौतों का आंकड़ा 16 तक पहुंच गया है।
ये आंकड़े तो जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों के हैं। निजी अस्पतालों को मिलाकर यह संख्या और ज्यादा हो सकती है। सभी मौतें अचानक हुई हैं, जिनमें चिकित्सकों ने हार्ट अटैक की आशंका जाहिर की।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में दिल में दर्द की शिकायत लिए रोजाना तीन से चार मरीज पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना तीन सौ से अधिक मरीजों के ब्लड प्रेशर की जांच हो रही है, जिनमें से औसतन 150 मरीज हाई ब्लड प्रेशर के मिल रहे हैं। हृदय रोग विशेषज्ञ न होने के कारण लोगों को यहां से केवल फिजीशियन का परामर्श ही मिल पा रहा है।
केस-01
चंदपा के गांव गुमानपुर निवासी शिवशंकर (35) को सोमवार की दोपहर दो बजे जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। परिवार के अनुसार सीने में दर्द व बेचैनी के बाद वह अचेत हो गया था। चिकित्सक ने हार्ट अटैक से मौत की आशंका जाहिर की थी।
केस-2
कोतवाली सदर क्षेत्र के गांव कलवारी निवासी 38 वर्षीय लव पौनिया की सोमवार की सुबह हालत बिगड़ गई। सुबह आठ बजे परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके भी सीने में दर्द उठा था। चिकित्सकों ने उन्हें की मौत हार्टअटैक से होना बताया। वे कई दिनों से बीमार भी चल रहे थे।
केस-3
सादाबाद के गांव गढ़ी आशा निवासी जबर सिंह (68) की खेत में काम करते समय 29 नवंबर को हालत बिगड़ गई थी। परिजनों के अनुसार हार्ट की नस में दिक्कत आई थी। आगरा में ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद छुट्टी भी मिल गई थी। शनिवार को उन्हें फिर से सीने में दर्द उठा। रविवार को आगरा में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
इन कारणों से बढ़ता है खतरा
-ठंड से नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे दिल को शरीर में खून पहुंचाने को मेहनत करनी पड़ती है।
-शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए दिल को क्षमता से अधिक काम करना पड़ता है। ऐसे में ब्लॉकेज हो तो अटैक की आशंका रहती है।
-सुबह अधिक ठंड के समय अधिक खतरा रहता है।
-कमजोर प्रतिरोधक क्षमता व वायरल संक्रमण भी दिल पर अतिरिक्त बोझ डालते हैं, जिससे जोखिम बढ़ता है।
-पुरानी दिल की समस्याएं भी ठंड में अधिक गंभीर हो जाती हैं।
हार्ट अटैक के लक्षण
-छाती में दबाव या भारीपन
-अचानक सांस फूलना। कम मेहनत में भी सांस फूलना।
-बिना मेहनत के ठंडा पसीना आना
-शरीर में कंपन व बेचैनी महसूस होना।
-ब्लड फ्लो कम होने पर चक्कर आना या बेहोशी।
इन बातों का रखें ध्यान
- ठंड में शरीर को गर्म रखना जरूरी है।
-सुबह की सैर का समय बदलें।
-पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। पानी की कमी से भी खून गाढ़ा होता है।
-हेल्दी डाइट लें। चिकनाई व तला-भुना खाना बंद कर दें।
-तनाव कम करें और सही नींद लें।
-दिक्कत होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।
ठंड के कारण दिल से जुड़ी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। मरीजों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में इमरजेंसी में तैनात मेडिकल ऑफिसर्स को प्रशिक्षित किया गया है। ईसीजी मशीन भी रखी गई है, जिससे वे आपात स्थिति को समझ सकें। लोगों को चाहिए कि वे ठंड में अपना ध्यान रखें और समय से चिकित्सक की सलाह लें।
डा. सूर्यप्रकाश, सीएमएस