नोटबंदी के करीब डेढ़ महीने गुजर जाने के बाद भी नकदी संकट कम नहीं हुआ है और लोगों की परेशानी बरकरार है। रविवार को बैंकों में अवकाश के कारण एटीएम एक मात्र सहारा था, लेकिन वक्त पर एटीएम भी काम नहीं आए और लोग परेशान होकर एक से दूसरे एटीएम तक दौड़ लगाते रहे।
महानगर के रामघाट रोड पर ही एक दर्जन से अधिक एटीएम हैं, लेकिन रविवार को सुबह से लेकर शाम तक एक भी एटीएम खुले नहीं मिले। एसबीआई मुख्य शाखा एवं सेंटर प्वाइंट स्थित एसबीआई एटीएम पर लंबी लाइन लगी रहीं। विभिन्न क्षेत्रों में एटीएम नहीं चलने के कारण भी यहां दूर-दूर से लोग रुपये निकालने पहुंचे थे।
पीएनबी, सिंडिकेट बैंक, केनरा बैंक, इलाहाबाद बैंक, एचडीएफसी, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईसीआईसीआई, देना बैंक समेत अन्य बैंकों के एटीएम बंद नजर आए। एसबीआई मुख्य शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक देवदत्त शर्मा ने बताया कि एसबीआई मुख्य शाखा एवं सेंटर प्वाइंट के अतिरिक्त आरएएफ, विष्णुपुरी, सासनीगेट, सराय बुर्ज आदि के एटीएम खुले हुए थे और उनसे लोग पैसे निकाल रहे थे।
शाखा में मुश्किल से 70-80 लाख ही रोज जमा हो पा रहे हैं। वह भी उस स्थिति में जब एसबीआई मुख्य शाखा में तमाम सरकारी कार्य होते हैं। रेलवे, ट्रेजरी, एआरटीओ के वाणिज्य कर, लाइसेंस व फीस आदि के पैसे यहीं जमा होते हैं। अन्य बैंकों में तो और बुरी स्थिति है।
एसबीआई मुख्य शाखा के सीनियर मैनेजर देवदत्त शर्मा ने अपील की कि पैसे को रोके नहीं। रोटेशन में रखे। इससे समस्याओं के समाधान में मद्द मिलेगी।