मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को मंडल स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें मंडलायुक्त ने शहर में जाम की समस्या को लेकर यातायात पुलिस व नगर निगम पर नाराजगी जाहिर की। नगर निगम को ट्रैफिक सिस्टम के तहत चौराहों पर स्थापित की गई लाइटों का ठीक से संचालन का निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर में अभी भी जाम की समस्या है। इससे 10 मिनट का रास्ता 40 मिनट में तय हो रहा है। यह आम जनता के साथ खिलवाड़ है।
मडंलायुक्त ने शहर में यातायात व्यवस्था के सुधार के लिए ट्रैफिक लाइट की टाइमिंग में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जाम के समाधान के लिए आधुनिक सॉफ्टवेयर और कंप्यूटर एप्लीकेशंस का उपयोग किया जाए। यातायात विभाग द्वारा चौराहों पर बायीं ओर जाने वाले वाहनों के लिए लेफ्ट हैंड फ्री की व्यवस्था की जाए। नगर निगम द्वारा चौराहों से अतिक्रमण हटावाया जाए। साथ ही दो माह के भीतर वेंडिंग जोन का विकास किया जाए, जिससे की वेंडर वहां जा सकें। वहीं, उन्होंने शहर में बिल्डिंग मैटेरियल व्यवसायियों द्वारा गिट्टी, मोरंग, ईट, बजरी आदि सड़क पर ही गिराकर किए जा रहे अतिक्रमण के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, अवैध रूप से सड़क पर पार्किंग किए गए वाहनों को उठाकर ले जाने के लिए नगर निगम द्वारा यातायात विभाग को क्रेन उपलब्ध कराने, जाम लगाने वालों के विरुद्ध यातायात पुलिस को कड़ी कार्रवाई करने, नो पार्किंग के अभियोग में चालान काटने के निर्देश भी की कार्रवाई को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
साथ ही जिन अस्पतालों द्वारा उनके भवन में पार्किंग का अन्य व्यवसायिक गतिविधियों के लिए प्रयोग किया जा रहा, उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश स्वास्थ्य विभाग और अलीगढ़ विकास प्राधिकरण को दिए। लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई और नगर निगम व नगर पालिकाओं को सर्दी में कोहरे से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव के लिए सड़कों पर रोड मार्किंग को पुन: पेंट करने, कैट्स आई, रिफ्लेक्टर आदि लगाने के निर्देश दिए। उपायुक्त मनरेगा को निर्देश दिए गए कि महिलाओं को स्कूल बस, टैंपो, ऑटो रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज और आरटीओ को निर्देश दिए कि अनुबंध समाप्त प्राइवेट बसों को रोडवेज के रंग में संचालित ना होने दिया जाए। शिक्षा विभाग द्वारा स्कूली वाहनों के चालकों और परिचालकों का चरित्र सत्यापन और ड्राइविंग लाइसेंस के सत्यापन की कार्रवाई की जाए। साथ ही अवैध ई रिक्शाओं के खिलाफ भी चेकिंग अभियान चलाया जाए। बैठक में सभी संबंधित विभागों के मंडल स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।