मकान बिकाऊ है के पोस्टर लेकर खड़ी पीड़ित के परिजन
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गांव समैना में निवासी युवक की पिटाई के मामले में पुलिस के रवैये से नाराज परिजनों ने बृहस्पतिवार को घर पर मकान बिकाऊ के पोस्टर टांग दिए। पीड़ित के पिता का कहना है कि आरोपी मुकदमा वापस लेने की धमकी दे रहे हैं। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद छोड़ देती है। इधर, मकान बिकाऊ के पोस्टर टांगने के बाद हरकत में आई पुलिस ने शुक्रवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपी को पहले ही जेल भेज चुकी है।
बता दें कि गांव समैन निवासी संजीव यादव पुत्र चौब सिंह गाजियाबाद में ट्रांसपोर्ट का काम करता है। पिछले दिनों संजीव एक मुकदमे की तारीख के लिए अलीगढ़ कोर्ट आया था। उसके अगले दिन एक जून की सुबह वह टहलने गया था। गांव के बाहर वह लहूलुहान हालत में पड़ा मिला। उसकी जीभ व गाल कटा हुआ था। ठोड़ी का निचला हिस्सा भी कुल्हाड़ी से काट दिया था। दांत टूटे पड़े थे। घायल के पिता ने गांव के ही रतनलाल, सत्येंद्र, गौरव, अखेराम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने 4 जून को मुख्य आरोपी रतन लाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बृहस्पतिवार को आरोपी सत्येंद्र और अखेराम को गिरफ्तार कर लिया।
पीड़ित के पिता का आरोप है कि आरोपी मुकदमा वापस लेने की धमकी दे रहे हैं। पुलिस मामले में लापरवाही बरत रही है। इससे आहत होकर वह अपना घर छोड़कर पलायन को मजबूर होंगे। पुलिस ने शाम के घर आकर जबरदस्ती पोस्टर हटा दिए हैं। कहा कि मामले की शिकायत प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, डीजीपी व एसएसपी को भी शिकायत भेजी है। इंस्पेक्टर प्रमोद मलिक ने कहा कि मामले के दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। अन्य आरोपी भी जल्द पकड़े जाएंगे। परिवार ने मकान बिकाऊ है के पोस्टर हटा लिए हैं।