खैर विधायक अनूप प्रधान ने चुनाव के समय जनता से खैर विधानसभा क्षेत्र में चहुंमुखी विकास कराने का वादा किया था, लेकिन इस एक वर्ष में शायद ही कोई ऐसा कार्य हुआ हो जिससे जनता को लगे कि क्षेत्र में विकास का पहिया चल पड़ा है। अलीगढ़-पलवल मार्ग पर खैर व जट्टारी में लगने वाली जाम की समस्या जस की तस है।
टप्पल में यमुना की बाढ़ से तो राहत मिली लेकिन सीमा विवाद आज तक नहीं सुलझा है। आज भी हरियाणा के दबंग उत्तर प्रदेश के किसानों के खेत जोत रहे हैं।
खैर में एफआरयू, टप्पल में सीएचसी के अलावा लगभग एक दर्जन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बने हैं, लेकिन उनमें बैठने के लिये डॉक्टर और पर्याप्त स्टाफ नहीं है। सड़कों का तो हाल बेहाल है। खैर-गोंडा मार्ग, खैर-चंडौस मार्ग, खैर-नौहझील मार्ग के अलावा कई मार्ग ऐसे हैं जो पूरी तरह से गड्डे में तब्दील हो गए हैं। सोफा, बझेड़ा और शिवाला के नहर पुल इतने जर्जर हैं कि कभी भी गिर सकते हैं। बच्चों के खेलकूद के लिये कोई स्टेडियम नहीं है। ऐसी कई समस्याएं हैं जो जस की तस हैं।
यह हैं प्रमुख समस्याएं
अलीगढ़ पलवल मार्ग पर लगने वाले जाम का नहीं हुआ स्थायी समाधान।
हादसों को न्यौता देते सोफा, बझेड़ा और शिवाला के संकरे व क्षतिग्रस्त पुलों का नहीं हुआ निर्माण।
नहीं सुलझा यूपी और हरियाणा सीमा विवाद।
स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल, पर्याप्त डॉक्टर और स्टाफ का अभाव।
विधायक के दावे में तीन बड़े कार्य
129 माजरों में कराया विद्युतीकरण, जल्द बनेंगे क्षतिग्रस्त पुल।
16 हजार किसानों का कराया फसली ऋण माफ (1 अरब 23 करोड़)।
8 गांवों में सड़कें बनवाने में खर्च की विधायक निधि।
खैर विधायक का रिपोर्ट कार्ड
खैर विधायक अनूप प्रधान के अनुसार वर्ष में मिली डेढ़ करोड़ की विधायक निधि क्षेत्र के गांव गौरोला, दीवा बझेड़ा, भोजाका, मढा हबीबपुर, अंडला, खेड़िया खुर्द, मरीपुर, महगौरा में सड़कें बनवाने में खर्च की है
छह करोड़ की लागत से सोफा से शादीपुर जाने वाली सड़क बनवाई है, जिसका लगभग सत्तर प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।
क्षतिग्रस्त पड़े मजपूर के पुल के नवीन निर्माण को मंजूरी दिलाई। क्षेत्र में पिचानवे प्रतिशत रजवाहे और माइनर की सफाई कराई है।
उस समय मैं बसपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। फिलहाल वर्तमान समय में मैं बसपा से निष्कासित हूं। मुझे इस संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं है। वहीं इस बारे में न ही कुछ कहना है।
- राकेश मौर्य, रनरअप प्रत्याशी,
भाजपा केवल हवाई फायर करना जानती है। उदाहरण देखना है तो खैर क्षेत्र में देखो। विधायक ने कहीं भी कोई भी जमीनी विकास कार्य नहीं कराया है। यहां तक कि वे अपनी निधि भी खर्च नहीं कर पाए हैं। भाजपा के कार्यकाल में आदमी त्रस्त है। मनुष्यों से ज्यादा गाय, भैंस पर ध्यान दिया जा रहा है। आए दिन भाजपा से जुड़े हिंदू वाहिनी आदि संगठनों के कारनामे सब देख रहे हैं। न भ्रष्टाचार रुका है और न अपराध। - ओमपाल सूर्यवंशी, प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार
डेढ़ करोड़ की विधायक निधि क्षेत्र के गांव गौरोला, दीवा बझेड़ा, भोजाका, मढ़ा हबीबपुर, अंडला, खेड़िया खुर्द, मरीपुर, महगौरा में सड़कें बनवाने में खर्च की है। लगभग 42 करोड़ के गौमत चौराहे से चंडौस, खैर से गौंडा व गौमत से बाजना की सड़कों के प्रस्ताव पास कराये हैं। इसमें खैैर चंडौस मार्ग पर काम भी शुरू हो गया है। 6 करोड़ की लागत से सोफा से शादीपुर जाने वाली सड़क का लगभग सत्तर प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। 95 प्रतिशत रजवाहे और माइनर की सफाई कराई है। यूपी हरियाणा विवाद के हल हेतु ग्रामीणों को साथ लेकर कई बार मंडलायुक्त व जिलाधिकारी से मिले हैं। - अनूप प्रधान, विधायक खैर