प्राधिकरण अफसरों की मनमानी जग जाहिर है। सासनीगेट क्षेत्र की एक रिहायशी कॉलोनी में निकिल फैक्टरी चलने की शिकायत के मामले में तो सारी हदें ही पार कर दी गई। मुख्य सचिव व कमिश्रर के आदेश हवा में उड़ाते हुए प्राधिकरण अफसरों ने बगैर कार्रवाई शिकायत का निस्तारण दिखा दिया गया। इसकी जानकारी मिलने पर एडीए उपाध्यक्ष ने जांच कराकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं।
मामला वैष्णोपुरम आवासीय कॉलोनी लोधी विहार गली नंबर एक का है। यहां की रहने वाले सेवानिवृत्त मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरए अग्रवाल की पत्नी सरोज अग्रवाल ने 20 जून को मुख्य सचिव, कमिश्रर, डीएम एवं एडीए उपाध्यक्ष से शिकायत की थी कि उनकी कॉलोनी में निकिल, ब्राइट पोलिस की तीन इकाइयां संचालित हैं।
इनसे ध्वनि, वायु व जल प्रदूषण हो रहा है। जबकि नियमानुसार रिहायशी इलाके में व्यवसायिक व औद्योगिक गतिविधियां नहीं हो सकती हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव ने जन सुनवाई पोर्टल के माध्यम से शिकायत को कमिश्रर को अग्रसारित कर दिया।
कमिश्रर ने एडीए को जांच कराकर कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए। शिकायतकर्ता सरोज अग्रवाल का आरोप है कि एडीए अफसर आए और अपने ऊपर राजनीतिक दबाव का हवाला देते हुए बगैर कार्रवाई लौट गए। यही नहीं शिकायत का पोर्टल पर निस्तारण भी दिखा दिया। एडीए उपाध्यक्ष मनमोहन चौधरी ने बताया कि उन्होंने प्रकरण की जांच कराकर दोषी अफसरों के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।