तालानगरी औद्योगिक क्षेत्र एवं सीडीएफ छेरत समेत उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम लि. (यूपीएसआईडीसी) के समस्त औद्योगिक क्षेत्रों में रखरखाव शुल्क पांच गुना बढ़ाए जाने के आदेश को इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा निरस्त कर दिया गया है।
उच्च न्यायालय ने निगम द्वारा पारित आदेश को नियम विरुद्ध एवं गैर कानूनी करार देते हुए नई दरों से वसूली नहीं करने का आदेश दिया है। इसकी जानकारी शनिवार को मैरिस रोड स्थित एक होटल में ताला नगरी औद्योगिक विकास एसोसिएशन के अध्यक्ष नेकराम शर्मा एवं महामंत्री सुनील दत्ता ने पत्रकारों को दी।
उन्होंने बताया कि 31 अगस्त 2015 को यूपीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक ने एक गैर कानूनी आदेश पारित किया था। तालानगरी एवं सीडीएफ समेत निगम के समस्त औद्योगिक क्षेत्रों में रखरखाव शुल्क को तत्काल प्रभाव से पांच गुना बढ़ा दिया गया था।
तालानगरी औद्योगिक विकास एसोसिएशन (अलीगढ़) द्वारा इस आदेश को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती दी गयी थी। एसोसिएशन के महामंत्री सुनील दत्ता ने बताया कि निगम का आदेश उद्यमियों के साथ किये गये अनुबंध के विरुद्ध है।
बार-बार आग्रह के बावजूद जब निगम द्वारा सुनवाई नहीं की गई तो एसोसिएशन द्वारा उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई। उच्च न्यायालय द्वारा 5 नवंबर 2016 के अपने फैसले में निगम के आदेश को निरस्त कर दिया गया और आदेश दिया कि निगम आवंटियों के साथ किये गये अनुबंधों में अंकित शर्तों के तहत पुनर्विचार करे।
उच्च न्यायालय के इस फैसले से प्रदेश में स्थित करीब 80-90 औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों को बड़ी राहत मिली है।
इस अवसर पर एसोसिएशन के ओम शिव पाठक, ओपी शर्मा, मोती लाल वार्ष्णेय, मुजबुर्रहमान, दाऊ दयाल गुप्ता, एके शर्मा, संजय राघव, अशोक शर्मा, मनोज कुमार, सुमित अग्रवाल, अखिलेश कुमार, स्वदेश पंडित, नेत्रपाल शर्मा, हाजी इब्राहिम, मीर आसिफ अली, आरिफ सुल्तान, मीर खुबैब अली, डॉ. अताउर रहमान आदि मौजूद थे।
यूपीएसआईडीसी की क्षेत्रीय प्रबंधक स्मिता सम्मानित
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित अशोका होटल में शुक्रवार को आयोजित डिजिटल इंडिया कांन्क्लेव में यूपीएसआईडीसी अलीगढ़ की क्षेत्रीय प्रबंधक स्मिता सिंह को औद्योगिक विकास एवं निर्यात प्रोत्साहन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
स्मिता सिंह 2015 से अलीगढ़ में तैनात हैं। वह यूपीएसआईडीसी की पहली महिला क्षेत्रीय प्रबंधक भी हैं। वह अपनी कार्यशैली एवं मृदु व्यवहार के कारण जिला प्रशासन, उद्यमियों के साथ-साथ शिक्षण एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा भी सराहना पाती रही हैं। स्मिता सिंह की शिक्षा इलाहाबाद से हुई है।
एमबीए में इलाहाबाद विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें स्वर्ण पदक से नवाजा गया था।