अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का छात्रसंघ चुनाव 3 नवंबर को हैं। चुनावी जंग में कूदे छात्र नेताओं ने गुरुवार को यूनियन हॉल की छत से फाइनल स्पीच में तलबा बिरादरी से लोकसभा चुनाव 2019 को ध्यान में रखकर मतदान करने का आह्वान किया। यह भी कहा कि वर्तमान समय में देश को मजबूत मुस्लिम लीडरशिप की जरूरत है और देश के मुसलमान एएमयू की ओर हसरत भरी नजरों से देख रहे हैं।
एएमयू छात्र संघ चुनाव का फाइनल स्पीच गुरुवार को एतिहासिक यूनियन हॉल में आयोजित किया गया।
इसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सचिव पद के प्रत्याशियों ने यूनियन हॉल के प्राचीर से हजारों छात्रों को संबोधित किया। छात्र नेताओं के निशाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर, कुलपति प्रो. तारिक मंसूर व प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान रहें। छात्र नेताओं को फाइनल स्पीच के लिए ‘छात्र राजनीति में तालीम व तहजीब की अहमियत’ टॉपिक दिया गया था। प्रत्येक छात्र को पांच मिनट (फोर प्लस वन मिनट) का समय दिया गया था। लेकिन अधिकतर छात्र नेता ने स्पीच के विषय व समय का ध्यान नहीं रखा। कुछ तो 40 मिनट से अधिक तक बोलते रहे। छात्रों के भाषण के दौरान जमकर आतिशबाजी व गुब्बारे छोड़े गए। रंग-बिरंगी लाइट भी छात्र लेकर आए थे। कार्यक्रम निर्धारित समय के करीब 2 घंटे विलंब से शुरू हुआ। कई बार तो छात्र नेता सीमा तक लांघ गए। सचिव पद के प्रत्याशी मो. सुफियान तो नाम लेकर यहां तक कह गए कि हमारा प्रॉक्टर हत्यारा है और पॉवर मिल गई तो जुते के नीचे एड़ी से मसल देंगे। सुफियान ने वीसी को संघी व सनकी तक कह दिया और वीसी लॉज में ताला जड़ने की चेतावनी दी। कई प्रत्याशियों ने भावुक भाषण देकर छात्रों को अपनी तरफ गोलबंद करने का प्रयास किया।
मुबाशिर हुसैन शाह ने तो 3 तारीख को मतदान के दौरान मुजफ्फरनगर, गुजरात, सुफियान, कुलगांव, हाशिमपुर व मेरठ को याद रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज मुसलमानों को दूसरे दर्जे का शहरी बनाने की कोशिश हो रही है। वहीं अलाउद्दीन ने कहा कि आज की हुकूमत बिल्कुल नाकाम है। प्रधानमंत्री से पूछना चाहता हूं कि किसानों को उनका हक क्यों नहीं देते। वह क्यों आत्महत्या कर रहे हैं। सलमान इम्तियाज ने कहा कि एएमयू में आज लीडर के बजाए डीलर पैदा हो रहे हैं। मो. गजनवी ने मजबूत लीडरशिप देने का आह्वान किया। अध्यक्षता डॉ. मोहसिन रजा व संचालन डॉ. शारिक अकील ने की। इस अवसर पर मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. जहीरउद्दीन, प्रो. खुर्शीद आदि मौजूद थे।