केंद्र सरकार द्वारा एससी/एसटी एक्ट में संशोधन और प्रोन्नति में आरक्षण के विरोध में भारत बंद का मिलाजुला असर नजर आया। सर्राफा बाजार में कुछ दुकानें बंद रहीं तो धनीपुर मंडी में भी कामकाज ठप रहा। अन्य बाजारों में भी कुछेक दुकानें ही बंद रहीं। केंद्र के फैसले के विरोध में सवर्ण एवं पिछड़ा समाज संघर्ष समिति के बैनरतले सेंटर प्वाइंट से गगनभेदी नारों के मध्य सवर्ण एवं पिछड़े वर्ग के सांसदों की के पुतलों की प्रतीकात्मक अर्थी निकाली गई।
इस दौरान सभी समद रोड होते हुए सांसद सतीश गौतम के विद्या नगर कार्यालय एवं आवास पहुंचे और वहां जोरदार प्रदर्शन करते हुए सांसदों के पुतलों की अर्थियों का दहन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारी एवं पुलिस की जमकर नोंकझोंक हुई, लेकिन पुलिस के सख्त रुख के कारण अप्रिय स्थिति नहीं बन सकी। इस दौरान एक नाराज कार्यकर्ता लोकेश जादौन सांसद आवास के सामने लगे ट्रांसफारमर के तारों से झूलकर काल का ग्रास बनते बनते बचा। इससे उसका हाथ चोटिल हो गया। उसने हाथ से निकले खून को चेहरे पर लगाकर मामला गर्माने की कोशिश की, लेकिन पुलिस के आगे उनकी एक न चली।
पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़कर सांसद कार्यालय तक पहुंचे प्रदर्शनकारी
सवर्ण एवं पिछड़ा समाज संघर्ष समिति के बैनर तले अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा, वैश्य महासभा, कायस्थ महासभा, जाट महासभा, आर्थिक आधार आरक्षण समिति, राष्ट्रवादी पार्टी, माहेश्वरी क्रिएटिव क्लब एवं राष्ट्रवादी पार्टीके सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने एक्ट का समर्थन करने वाले सवर्ण व पिछड़े वर्ग के सांसदों की प्रतीकात्मक अथी लेकर जब सांसद सतीश गौतम ने विद्यानगर स्थित आवास की ओर कूंच किया तो प्रशासन में हड़कंप मच गया। सांसद आवास के बाहर कई थानों की फोर्स पहुंच गई।
उन्होंने प्रदर्शनकारियों को सांसद कार्यालय तक जाने से रोकने के लिए बेरीकेटिंग लगा दी, लेकिन प्रदर्शनकारियों के जोश के आगे उनकी एक न चली। प्रदर्शनकारियों ने सांसद आवास व कार्यालय के सामने न केवल जमकर प्रदर्शन किया, बल्कि सांसदों के पुतलों की अर्थियां भी दहन कीं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों एवं पुलिस में जमकर नोंकझोंक हुई। मौके पर मौजूद फायर ब्रिगेड कर्मी ने प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार मारने की कोशिश की तो मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उसे डपट दिया।
बाद में प्रदर्शनकारियों ने एडीएम सिटी एवं एसपी सिटी को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि वहदो माह में एसएसीएसटी एक्ट में किये संशोधन को वापस करने, प्रोन्नति में आरक्षण समाप्त करने एवं संवैधानिक दर्जा प्रदान करते हुए राष्ट्रीय सवर्ण आयोग का गठन करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि सवर्ण समाज को आर्थिक आधार पर आरक्षण प्रदान करने की मांगों को स्वीकार नहीं किया तो 2019 के लोकसभा चुनाव में सवर्ण एवं पिछड़ा समाज नोटा का प्रयोग करेगा, जिसके सभी राजनैतिक पार्टियों के लिए गंभीर परिणाम होंगे।
सांसद के खिलाफ खूब लगे नारे
अलीगढ़। प्रदर्शन के दौरान भले ही सवर्ण एवं पिछड़े वर्ग के सांसदों के पुतलों की अर्थी निकाली गई, लेकिन सांसद सतीश गौतम, सांसद एटा राजू भईया तक इनके सीधे आक्रोश से नहीं बच सके। प्रदर्शनकारियों ने इनके खिलाफ जमकर नारे लगाए।
यह लोग रहे प्रमुख रूप से मौजूद
डॉ शैलेंद्र पाल सिंह, डीपी सिंह, राजकुमार चौहान, डॉ नरेश सिंह, जैकी ठाकुर, ठा.विजय विक्रम सिंह चीकू, श्रीकांत शर्मा एडवोकेट, योगेंद्र पाल सिंह बंटी, फकीरा सिंह, जनक पाल सिंह शर्मा, नारायण, एससी माहेश्वरी, अशोक गांधी, राज सक्सेना, अजय लिथो, श्रीपाल चौहान, प्रमोद चौहान, चौ. दिगंबर सिंह, अरविंद चौधरी, अजीत सिंह राघव, नेम सिंह सोलंकी, डैनी ठाकुर, विजेंद्र सिंह चौहान, बँटी जादौन, गौरव चौहान, सचिन, राज प्रताप, सुधीर सिंह, मनीष मोहता, विवेक शर्मा, मोंटू पिल्लई विशाल सक्सेना एआदित्य सक्सेना साहिल सक्सेना रोहन सक्सेना दिवाकर भटनागर सुरेश श्रीवास्तव, राष्ट्रवादी पार्टी के युवा उपाध्यक्ष राजा ठाकुर, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सुनीता चौहान, शशी शर्मा, बीना चौहान, इंदू सिंह, साधना ठाकुर, अनीता चौहान, हेमलता पंवार आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे। धनीपुर मंडी में प्रदर्शन में पूर्व सपा जिलाध्यक्ष डॉ.रक्षपाल सिंह, अजय सिंह, ठा.चेतन सिंह आदि थे।