पश्चिमी हवाएं शीत लहर के रूप में कहर बरपाने लगीं।
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पहाड़ों पर बर्फबारी और शीत लहर का असर मैदानी इलाकों पर दिखने लगा है। 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही शीत लहर से गलन बढ़ गई है। ऐसे में जनमानस ठंड से हारने लगा है। तापमान की बात करें तो दिन में अधिकतम 22 तो रात में चार डिग्री सेल्सियस तक पारा पहुंच रहा है। कड़ाके की पड़ रही ठंड से लोग सुबह और रात को अपने घरों से निकलने से बच रहे हैं। वहीं, शहर में मॉर्निंग वॉक करने वालों की संख्या कम हो गई है।
ठंड के साथ बढ़ रही गलन और रात में गिर रहे पारे के साथ चल रही 11 किलोमीटर की शीत लहर से जनजीवन अस्तव्यस्त होने लगा है। अधिकतम तापमान 10-15 दिनों में गिरेगा तो न्यूनतम तापमान में अभी से गिरावट हो रही है। शुक्रवार-शनिवार की रात को न्यूनतम पारा चार डिग्री सेल्सियस पर रहा। शनिवार-रविवार की रात में पारा पांच डिग्री सेल्सियस तक रहा।
शनिवार को दिन में अधिकतम पारा 21 डिग्री सेल्सियस तक रहा। ऐसे में सुबह और देर शाम ठंड की वजह से लोग ठिठुरते दिखे। इधर-उधर अलाव जलाकर लोगों ने हाथ सेंके। बच्चे और बुजुर्ग गर्म कपड़ों में पैक हो गए। बिना दस्ताने वाहन चला रहे राहगीरों के हाथ सुन्न पड़ने लगे।
ऐसे में जहां भी अलाव दिखता, लोग अपने वाहन को रोककर हाथ सेंकने लग जाते हैं। कई लोग तो ऐसे भी थे, जिन्होंने मार्निंग वॉक से परहेज कर लिया। हालांकि, दिन में धूप निकलने से कुछ राहत मिल रही, लेकिन शाम को फिर से ठिठुरन बढ़ने से परेशानी हो जाती है।