बीबीसी लंदन के पूर्व संवाददाता सतीश जैकब ने कहा कि इस्लामी मदरसे महान संस्थाएं हैं। संसार से अशिक्षा का अंधकार दूर करने में इनका बड़ा योगदान है। जैकब ने मंगलवार को एएमयू में संचालित ब्रिज कोर्स का भ्रमण किया।
इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि इस्लाम का अर्थ शांति एवं न्याय है और इस्लाम आतंकवाद की शिक्षा नहीं देता। जबकि मदरसों तथा इस्लाम के संबंध में भ्रांतियां पैदा की जा रही हैं, जिससे इस्लाम की छवि धूमिल होती है।
उन्होंने एएमयू में ब्रिज कोर्स की शुरुआत करने के लिए कुलपति जमीरउद्दीन शाह की तारीफ की और कहा कि ब्रिज कोर्स के छात्र शांति के दूत हैं। उन्होंने कुलपति से बीबीसी लंदन के लिए ब्रिज कोर्स की डाक्यूमेंट्री तैयार करने की आज्ञा मांगी।
कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने कहा कि मानवता को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो कुरान का ज्ञान रखती हो। ब्रिज कोर्स के छात्र इस आवश्यकता की पूर्ति करेंगे। उन्होंने छात्रों से कहा कि वह अंग्रेजी व कंप्यूटर में दक्षता प्राप्त करें और जो व्यक्ति कुरान कंठस्थ कर सकता है वो दुनियां का कोई भी ज्ञान प्राप्त कर सकता है। ब्रिज कोर्स की रोशनी अमीर स्वालेहाती, अब्दुर रहीम नदवी, सबा आफरीन, मकसूद, आरजू फातिमा आदि ने अपने विचार अंग्रेजी में व्यक्त किए।