जिला पंचायत चुनाव परिणाम जारी होने के बाद जो समीक्षा सामने आई है, उसने भाजपा को आइना दिखा दिया है। जिले की सात विधानसभा और संसदीय सीट पर कब्जा किए बैठी सत्तारूढ़ भाजपा को जाटलैंड में किसानों ने सर्वाधिक आइना दिखाया है। इससे साफ है कि किसान आंदोलन का इस चुनाव पर असर पड़ा है।
जाटलैंड के टप्पल, खैर, गोंडा व इगलास ब्लाक से सदस्य पद पर मात्र एक सीट भाजपा ने पूर्व जिला मंत्री कृष्णपाल उर्फ लाला के रूप में जीती है। हां, 15 निर्दलों के बाद 9 सदस्यों के सहारे सबसे बड़ी पार्टी के रूप में खड़ी भाजपा व सपा के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए टक्कर होती दिखाई दे रही है।
जिले के परिणामों पर गौर करें तो इगलास से भाजपा के दिग्गज जाट नेता व पूर्व जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह हिंडौल की पुत्रवधु अल्का सिंह वार्ड 28 से चुनाव हारी हैं। इगलास, गोंडा, खैर व टप्पल की इस जाटलैंड में टप्पल के वार्ड के वार्ड 19 से कृष्णपाल लाला जीते हैं, जिन्हें सांसद का बेहद करीबी कहा जाता है।
बाकी इगलास व खैर की दोनों विधानसभा खाली है। इसी बेल्ट में खैर के वार्ड 20 से भाजपा के जिला उपाध्यक्ष गौरव शर्मा के छोटे भाई की पत्नी प्रेरणा चुनाव हारी हैं। इसी क्षेत्र में चंडौस ब्लाक से वार्ड 13 से भाजपा के दलवीर सिंह चुनाव हारे हैं, जिन्हें बरौली विधायक का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त था। यहां बसपा के संजय प्रधान चुनाव जीते हैं।
इसी तरह भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष गौरव चौहान की मां सुधा चौहान धनीपुर वार्ड 36 से चुनाव हारी हैं। वार्ड 32 से एबीवीपी के प्रदेश मंत्री बल्देव शीटू की मां चुनाव हारी हैं। वार्ड 37 से भाजयुमो जिला संयोजक रहे कृष्णपाल सिंह की पत्नी व पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा श्रीपाल सिंह की पुत्रवधू संगीता चुनाव हारी हैं। इसी तरह वार्ड 3 अतरौली से भाजयुमो संयोजक रहे भुवनेंद्र वशिष्ठ की पत्नी माधवी तिवारी, वार्ड चार से भाजपा नेता घमंडी सिंह चुनाव हारे हैं।
पूर्व सीएम कल्याण के गढ़ अतरौली में भाजपा की हार
पूर्व सीएम कल्याण सिंह, उनके बेटे एटा सांसद राजवीर सिंह राजू, प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री संदीप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष ऋषिपाल सिंह के गढ़ में भाजपा को निर्दलीयों ने करारी मात दी है। वार्ड नंबर आठ पुष्पेंद्र सिंह ने भाजपा नेता राजेश भारद्वाज की बेटी खुशबू भारद्वाज को लगभग 15 हजार वोटरों से हराया है।
खुशबू तीसरे जबकि निर्दलीय अमित चौधरी दूसरे नंबर पर रहे। इस तरह से वार्ड नंबर- 6 से निर्दलीय जसोदा देवी लगभग 20 हजार वोटों से जीती हैं। उनका बेटा केपी मिस्त्री वर्ष 2015 के चुनाव में इसी वार्ड से 14 हजार वोटों से जीता था। वार्ड नंबर सात से निर्दलीय प्रवेश वती जीती तो वार्ड नंबर पांच से सपा के सोमेश चौधरी जीते हैं। इस तरह से कल्याण सिंह के गढ़ में ही चार वार्ड में भाजपा प्रत्याशी हार चुके हैं।
रालोद का दावा, जीती सात सीटें, पांच भी संपर्क में
राष्ट्रीय लोकदल को जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में जबर्दस्त सफलता मिली है। पार्टी के सात समर्थित प्रत्याशी चुनाव जीत गए हैं, जबकि ?विजयी पांच निर्दलीय प्रत्याशी पार्टी के संपर्क में हैं।
पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष रामबहादुर चौधरी ने बताया कि वार्ड नंबर 17 से पार्टी से समर्थित प्रत्याशी लक्ष्मी देवी, वार्ड नंबर-18 से नीरज सूर्यवंशी, वार्ड नंबर-22 से कुलदीप चौधरी, वार्ड नंबर-23 से प्रदीप चौधरी, वार्ड नंबर-26 से ममता चौधरी, वार्ड नंबर-28 से अमित ठेनुआं, वार्ड नंबर-31 से राजकुमारी विजयी रहीं। उन्होंने कहा कि जो निर्दलीय प्रत्याशी जीते हैं, वह पार्टी से जुड़े हुए हैं। इनमें वार्ड नंबर-24 से पिंटू, वार्ड नंबर-25 से जयवीर सिंह, वार्ड नंबर-29 से सुलेखा चौधरी, वार्ड नंबर-30 से बंटी चौधरी शामिल हैं।
पति जेल में, खुद जीती जिला पंचायती
सपा युवजन सभा जिलाध्यक्ष रहे राघवेंद्र सिंह कालू की पत्नी सुमन देवी ने वार्ड 36 से खुद के दम पर व पति के नाम पर जीत दर्ज की है। उनके पति लंबे समय से जेल में हैं।
अध्यक्षी में कल्याण-मुलायम घराने में टक्कर के आसार
इस चुनाव में अध्यक्ष पद पर पूर्व सीएम कल्याण सिंह के रिश्तेदार ठा. श्यौराज सिंह व पूर्व सीएम मुलायम सिंह के रिश्तेदार संजय यादव के बीच लड़ाई के आसार दिखाई दे रहे हैं। राजनीतिक रणनीतिकार मान रहे हैं कि यह दोनों घराने अध्यक्ष पद पर भाजपा व सपा के सहारे चुनाव लड़ेंगे। इसके लिए अभी से तैयारी शुरू हो गई है।