नरेंद्र मोदी सरकार ने 134 करोड़ रुपये देकर एएमयू के किशनगंज सेंटर को बंद होने से बचा लिया।
केंद्र से स्वीकृति मिलने के बाद सह कुलपति सैयद अहमद अली यूनिवर्सिटी के इंजीनियरों से विचार-विमर्श कर मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने की तैयारी में जुट गए हैं।
किशनगंज सेंटर पर जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है। केंद्र से प्राप्त राशि को एक साल चार महीने के अंदर खर्च करना है। बजट के अभाव में बिहार स्थित किशनगंज सेंटर का बुरा हाल था।
उधार के पैसे से वहां का काम चल रहा था। एएमयू इंतजामिया द्वारा केरल स्थित मल्लापुरम केंद्र से पैसे लेकर किशनगंज में लगाया जा रहा था।
सह कुलपति सैयद अहमद अली ने बताया कि केंद्र सरकार ने 134 करोड़ रुपये देकर किशनगंज सेंटर को बंद होने से बचा लिया। हमलोग केंद्र सरकार के आभारी हैं।
उन्होंने कहा कि 1 साल 4 महीने में पैसे खर्च करने हैं, अन्यथा लैप्स हो जाएंगे। इसलिए किशनगंज सेंटर पर जल्द की कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले कुलपति ने कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों को मिलने वाले बजट का तुलनात्मक चार्ट भी केंद्र सरकार को सौंपा था। इसमें एएमयू की तुलना में छोटी नई दिल्ली की जामिया मिल्लिया को अधिक बजट मिलने पर आश्चर्य व्यक्त किया गया था।
किशनगंज सेंटर को बचाने के लिए सर सैयद माइनोरिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष परवेज सिद्दीकी बिजनौर सांसद एवं एएमयू कोर्ट मेंबर कुंवर भारतेंद के साथ केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से गत दिनों मिले थे।