ब्लॉक के गांव अरनी में एक ओर जहां प्रदेश सरकार द्वारा स्वच्छ अरनी के तहत सम्मानित किए जाने की तैयारी चल रही है, वहीं दूसरी ओर गांव की जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है। ग्रामीणों ने सफाई व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
गांव निवासी मोहनलाल, मुकेश, अभिषेक उपाध्याय व अन्य ग्रामीणों का कहना है कि गांव में विकास कार्य राजनीतिक आधार पर किए जा रहे हैं। आरोप लगाया कि गांव में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहद खराब है, जिससे कई स्थानों पर गंदगी फैली हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव का श्मशान स्थल भी बदहाल स्थिति में है। वहां न तो टिन शेड की व्यवस्था है और न ही बैठने की कोई सुविधा है। इसके अलावा परिसर में सफाई का भी अभाव बना हुआ है। श्मशान के पास स्थित कचरा केंद्र भी पूरी तरह निष्क्रिय पड़ा है, जहां लंबे समय से कूड़ा इकट्ठा है, लेकिन उसके निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
ग्राम प्रधान एकता कुशवाहा ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में गांव में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि अमृत सरोवर, खेल मैदान, भगत गढ़ी में श्मशान, सार्वजनिक शौचालय और स्वास्थ्य केंद्र जैसी सुविधाओं का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे और स्ट्रीट लाइट भी लगाई गई हैं। प्रधान ने बताया कि श्मशान के सुंदरीकरण के लिए प्रस्ताव अधिकारियों को भेज दिया गया है और जल्द ही इस पर कार्य शुरू होने की उम्मीद है। आरोप लगाया कि आगामी चुनावों को देखते हुए कुछ लोग राजनीतिक द्वेष के चलते गलत आरोप लगा रहे हैं। सफाई व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत में केवल एक ही सफाई कर्मी कार्यरत है, जो अरनी, भगत गड़ी और अरनी चौराहा क्षेत्रों में सफाई का कार्य देखता है। सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाने के लिए कई बार प्रस्ताव भेजे गए हैं।