पूरे सूबे में गुरुवार से पॉलीथिन पर प्रतिबंध भले ही लागू हो गया हो, लेकिन महानगर में इसका कोई असर नहीं दिखाई दिया।
महानगर के व्यस्ततम बाजारों में ही नहीं अन्य स्थानों पर दुकानदारों ने धड़ल्ले से पॉलीथिन के कैरी बैग में सामान बेचा। और तो और सरकारी पराग डेयरी के रामघाट रोड स्थित पार्लर, पीएसी पार्लर पर भी पॉलीथिन में दूध, रबड़ी एवं मिठाई खूब बिकी।
पॉलीथिन से पर्यावरण एवं प्रदूषण के खतरे को देखते हुए शासन ने गुरुवार आज से समूचे प्रदेश में 40 माइक्रोन से कम मोटाई वाली पॉलीथिन प्रतिबंधित कर दी है। लेकिन प्रतिबंध के पहले दिन इसका कोई असर नजर नहीं आया।
इस मामले में सरकारी महकमों और विभागों की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सरकारी पराग डेयरी में भी पॉलीथिन में दूध, रबड़ी व मिठाई खूब बिकी। नगर निगम एवं क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों ने भी पॉलीथिन उन्मूलन में रुचि नहीं ली।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी प्रमोद मिश्रा ने स्वीकार किया कि गुरुवार को पॉलीथिन के खिलाफ अभियान नहीं चलाया गया है। यह अभियान नगर निगम के सहयोग से शुक्रवार आज से चलाया जाएगा।
नहीं बन सकी संयुक्त टीमें
अलीगढ़। शासनादेश के मुताबिक पॉलीथिन पर प्रतिबंध के लिए प्रशासन, नगर निगम एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीमें गठित की जानी हैं। यह टीमें चेकिंग कर ठेल, ढकेल, दुकान व प्रतिष्ठानों से पॉलीथिन जब्तीकरण एवं जुर्माने की कार्रवाई करेंगी।
जल्द ही प्रदूषण िनयंत्रण िवभाग इस संबंध में िजला प्रशासन की मदद से अिभयान छेड़ेगा और जुर्माना वसूलेगा। इससे पहले जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
-प्रमोद मिश्रा, रीजनल मैनेजर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड