राजमार्गपुर में कीचड़ युक्त रास्ते से शव यात्रा निकालते ग्रामीण। फोटो ग्रामीण
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गांव राजमार्गपुर में विकास के दावों की पोल खोलती एक तस्वीर सामने आई है। यहां सोमवार को 95 वर्षीय बुजुर्ग वासदेव की अंतिम यात्रा कीचड़ भरे रास्ते से होकर निकली। परिजनों और ग्रामीणों को बदहाल सड़क से गुजरना पड़ा, जिससे सभी की आंखें नम हो गईं।
राजमार्गपुर निवासी वासदेव का सोमवार सुबह निधन हो गया था। शाम करीब चार बजे अंतिम संस्कार के लिए अर्थी उठाई गई। गांव की कच्ची और कीचड़ से सनी सड़क सबसे बड़ी बाधा बन गई। नालियों का पानी सड़क पर आने से रास्ता पूरी तरह जलमग्न हो गया था। परिजनों और ग्रामीणों को फिसलते-गिरते हुए अर्थी को गांव के बाहर तक ले जाना पड़ा। इसके बाद वासदेव का अंतिम संस्कार रामघाट पर किया गया। पूर्व जिपं सदस्य केपी मिस्त्री और पुष्पेंद्र लोधी समेत कई लोग शव यात्रा में शामिल हुए। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की सड़क कई साल से जर्जर है। थोड़ी सी बारिश में भी यहां चलना मुश्किल हो जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिए। हालांकि, इन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों की शिकायत
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की बदहाली के कारण उन्हें लगातार परेशानी होती है। बारिश के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। कई बार शिकायतें करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। यह घटना स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती है।
अधिकारियों के बयान
जिला पंचायत सदस्य वार्ड छह की सदस्य यशोदा देवी ने बताया कि सड़क की समस्या पर जिला पंचायत में प्रस्ताव दिया है। उन्होंने जल्द ही उच्च अधिकारियों से मिलकर सड़क और नाली निर्माण की मांग करने की बात कही। वहीं, एडीओ पंचायत केपी सिंह ने कहा कि ग्रामीणों ने उन्हें कभी कोई शिकायती प्रार्थना पत्र नहीं दिया। उन्होंने पंचायत सचिव को निर्देशित कर इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।