शहर में नगर निगम की ओर से चिह्नित ऐसे 79 भवन हैं, जिनको बारिश का मौसम शुरू होते ही नोटिस दिए गए थे। साथ ही, नगर निगम के राहत शिविरों में जाने की सलाह भी दी है।लगातार बारिश के कारण इन भवनों के आसपास और उनमें रहने वाले लोग खतरे के दायरे में आ जाते हैं। वर्तमान में भी खुद नगर आयुक्त अमित आसेरी ने इन चिह्नित भवनों में से अधिकांश में रहने वालों को राहत शिविरों में या अन्य जगहों पर जाने की हिदायत दी है।यहां पर हैं गिरासू भवनशहर के ऊपर कोट, कनवरी गंज, बनिया पाड़ा, हाथी पुल, सराय सुल्तानी, सराय इंतेजाम अली, मदार गेट, सर्राफा मार्केट, मामू भांजा, रेलवे रोड, सराय हकीम आदि क्षेत्रों में जर्जर व गिरासू भवन हैं।भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए नगर निगम ने गूलर रोड, गांधी पार्क तथा भुजपुरा स्थित शेल्टर होम्स को राहत शिविर के रूप में परिवर्तित कर दिया है, जिसमें विश्राम करने वाले लोगों के ठहरने, सुरक्षा, पेयजल सहित सभी आवश्यक सुविधाओं को पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
लगातार हो रही बारिश और पुराने जर्जर भवनों के गिरने की घटना के बाद शहर के अन्य पुराने जर्जर-गिरासू भवन चिंता का विषय बन गए हैं। शहर में नगर निगम की ओर से चिह्नित ऐसे 79 भवन हैं, जिनको बारिश का मौसम शुरू होते ही नोटिस दिए गए थे। भवन स्वामियों को मकान छोड़ने की चेतावनी दी गई थी। मगर आज भी उनमें से अधिकांश में लोग रहने के लिए मजबूर हैं। लगातार पांच दिन से बारिश के चलते नगर निगम ने उन्हें फिर हिदायत दी है। साथ ही, नगर निगम के राहत शिविरों में जाने की सलाह भी दी है।
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लगातार बारिश के कारण इन भवनों के आसपास और उनमें रहने वाले लोग खतरे के दायरे में आ जाते हैं। अपने शहर में 79 जर्जर और गिरासू भवन नगर निगम द्वारा चिन्हित किए गए हैं। हालांकि, नगर निगम की दलील रहती है कि अधिकांश भवनों पर न्यायालय में वाद विचाराधीन है, इसलिए वह एक सीमा से अधिक कुछ नहीं कर सकते हैं। मगर नोटिस जारी कर व हिदायत देकर जरूर नगर निगम अपनी खानापूर्ति करता है। वर्तमान में भी खुद नगर आयुक्त अमित आसेरी ने इन चिह्नित भवनों में से अधिकांश में रहने वालों को राहत शिविरों में या अन्य जगहों पर जाने की हिदायत दी है।
यहां पर हैं गिरासू भवन
शहर के ऊपर कोट, कनवरी गंज, बनिया पाड़ा, हाथी पुल, सराय सुल्तानी, सराय इंतेजाम अली, मदार गेट, सर्राफा मार्केट, मामू भांजा, रेलवे रोड, सराय हकीम आदि क्षेत्रों में जर्जर व गिरासू भवन हैं।
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भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए नगर निगम ने गूलर रोड, गांधी पार्क तथा भुजपुरा स्थित शेल्टर होम्स को राहत शिविर के रूप में परिवर्तित कर दिया है, जिसमें विश्राम करने वाले लोगों के ठहरने, सुरक्षा, पेयजल सहित सभी आवश्यक सुविधाओं को पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं। जर्जर भवनों में रहने वाले लोग यहां जाकर रह सकते हैं।