रोहिंग्या मुसलमानों के शरण न देने के मामले पर देशभर में मची बहस को लेकर पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की पत्नी सलमा अंसारी ने दो टूक जवाब दिया कि ‘मेरा सियासत से कोई वास्ता नहीं है। लिहाजा, इस मसले पर जो भी निर्णय लिया गया है, वह उचित होगा, क्योंकि देश चलाने वाले बेहतर जानते हैं’।
मंगलवार को वह भमोला स्थित मदरसा चाचा नेहरू में पत्रकारों से रूबरू थीं। पिछले दिनों मदरसे के वाटर कूलर में जहरीला पदार्थ (चूहामार दवा) मिलाने की घटना से सलमा अंसारी व्यथित हैं। उन्होंने इस वारदात में सियासी पार्टियों के शामिल होने से इंकार किया है। अलबत्ता, शिक्षण संस्थानों के संचालकों पर शक जाहिर किया है।
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के कार्यकाल खत्म होने से एक दिन पहले दिए गए बयान पर सलमा अंसारी खामोश रहीं। फिर बोलीं, क्या बोलूं। मेरा तो सियासत से कोई ताल्लुक नहीं है। कहा, मदरसे के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे के अलावा ट्रॉली कैमरा भी लगाया जाएगा। सलमा अंसारी ने अफजल को शाबाशी देते कहा कि उसे सम्मानित किया जाएगा।
दो अक्तूबर को मदरसे से स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत के तहत रैली निकलेगी। रैली में शामिल बच्चे एएमयू के वीसी प्रो. तारिक मंसूर और एसएसपी राजेश पांडेय को थैंक्यू कार्ड सौंपेंगे। इससे पहले उन्होंने मदरसे का मुआयना किया। इस मौके पर वार्डन जुनैद सिद्दीकी, पीआरओ राशिद अली आदि मौजूद रहे।
मैं भागता तो मार देता गोली
मदरसे के वाटर टैंक में जहरीला पदार्थ मिलाते वक्त दो किशोरों को देखने वाले छात्र अफजल सुबहानी ने बताया कि ‘उस दिन मैं भागता तो वह गोली मार देते, इसलिए भागा नहीं। डर जरूर लगा था। मुझे खुशी है कि मैं अपने मदरसे और साथियों के काम आ सका’।
वीरता पुरस्कार को नाम भेजेंगे
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की पत्नी सलमा अंसारी ने बताया कि मदरसे के वाटर टैंक में जहरीला पदार्थ मिलाते वक्त दो किशोरों को देखने वाले छात्र अफजल सुबहानी का नाम वीरता पुरस्कार के लिए भेजेंगी। वीरता पुरस्कार 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर दिया जाता है।