एचडीएफसी बैंक ने एक व्यक्ति के नाम से क्रेडिट कार्ड जारी कर दिया, जबकि इस व्यक्ति को इसका पता ही नहीं था। यही नहीं कार्ड से एक लाख रुपये की निकासी भी कर ली गई। अब इस व्यक्ति के प्रार्थना पत्र पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजीव कुमार त्रिपाठी के न्यायालय ने प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सदर को विपक्षियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
थाना कोतवाली सदर क्षेत्र के अहियापुर कलां निवासी हेमेंद्र प्रताप सिंह ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने आवास-विकास कॉलोनी में एक मकान खरीदना तय किया। 12 अगस्त 2024 को शाखा प्रबंधक एचडीएफसी बैंक से उन्होंने होम लोन के लिए वार्ता की तो उन्हें यह जानकारी हुई कि उनका सिविल स्कोर कम है और उनके नाम पर एक क्रेडिट कार्ड जारी है।
उन्होंने शाखा प्रबंधक को बताया कि उन्होंने न तो कभी उनके बैंक में खाता खुलवाया है और न हीं उन्होंने कभी क्रेडिट कार्ड जारी कराया है। उनके नाम से क्रेडिट कार्ड कैसे जारी हो गया और बैंक ने उन्हें इसकी जानकारी क्यों नहीं दी। 14 अगस्त 2024 को उन्होंने बैंक के आगरा हेड ऑफिस में प्रबंधक द्वारा बताए गए नाम व मोबाइल नंबर पर उनके नाम से फर्जी जारी हुए क्रेडिट कार्ड के बारे में जानकारी की तो उन्हें समस्या के समाधान के लिए आश्वस्त किया गया।
उन्हें बताया कि उनके क्रेडिट कार्ड पर एक लाख रुपये से ज्यादा की निकासी हुई है। बैंक ने उनकी समस्या का समाधान करने के बजाय उनकी ई-मेल आईडी पर 46 हजार रुपये जमा करने के लिए धनराशि सेटलमेंट पत्र डाल दिया। जानकारी करने पर पता चला कि उनके नाम से जारी क्रेडिट कार्ड से सुधीर नाम के व्यक्ति ने रकम की निकासी की है। क्रेडिट कार्ड बिना बैंक के किसी कर्मचारी की मिली भगत के जारी नहीं हो सकता। इस तरह उनके साथ बैंक के किसी कर्मचारी ने सुधीर कुमार से मिलकर धोखाधड़ी की है।