गांधीपार्क इलाके से एक किशोरी को अगवा कर जबरन शादी करने व दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाया है। मिशन शक्ति अभियान के तहत एडीजे विशेष पॉक्सो सुरेंद्र मोहन सहाय की अदालत से इस प्रकरण में दो मुख्य आरोपियों को 20-20 वर्ष व दो सहयोगी बुजुर्गों को 7-7 वर्ष की सजा से दंडित किया है।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी संजय शर्मा व लव बंसल के अनुसार, घटना 16 दिसंबर 2013 की है। करीब 15/16 वर्षीय किशोरी तड़के शौच को गई थी। तभी उसे दस नामजद लोग गाड़ी में अगवा कर ले गए। उसको बेहोश कर राजस्थान ले गए, जहां उसके साथ नामजदों में से एक की जबरन शादी कराई गई।
बात न मानने पर परिवार को मारने की धमकी देकर डराया गया। बाद में दो नामजदों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। तीन महीने तक बंधक बनाकर रखा और बाद में थाने के पास छोड़ गए। इस मामले में थाना पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज न किए जाने पर न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया।
विवेचना के आधार पर जबरन शादी के आरोपी हाथरस, सासनी के नगला घना के नारायण शर्मा उर्फ शिवम, साथ में दुष्कर्म के आरोपी डोरी नगर गांधीपार्क के धर्मेंद्र व सहयोगी बुजुर्ग विकास नगर के रमेश, जवां पिलौना के हरीशंकर के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई। न्यायालय में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर चारों को दोषी माना गया है।
मेडिकल परीक्षण व किशोरी के बयान को विशेष आधार मारते हुए जबरन शादी व दुष्कर्म में नारायण, धर्मेंद्र को 20-20 वर्ष व 45-45 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। इसी तरह सहयोग में रमेश व हरीशंकर को 7-7 वर्ष 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि कुल एक लाख रुपये में से 70 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को देने के आदेश दिए हैं।