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फरियादी को गाली देने पर इंस्पेक्टर सस्पेंड

Sun, 01 May 2016 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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 महिला थाने में भ्रष्टाचार और जबरन तलाक की जांच शुरू होने पर एसओ महिला थाना इतनी भड़क गईं कि उन्होंने पीड़ित महिला फरियादी को शुक्रवार को गरियाते हुए धकियाकर थाने से निकाल दिया। यह हरकत वीडियो कैमरे में कैद हो गई और शनिवार को डीआईजी-एसएसपी तक पहुंच गई। बस इसके बाद एसएसपी ने तत्काल इंस्पेक्टर मांगे देवी तोमर को निलंबित कर दिया। साथ ही इस मामले में रिश्वतखोरी की आरोपी दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया।
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वाकया बुधवार से शुरू हुआ। बन्नादेवी क्षेत्र के सराय हकीम निवासी कृष्णा का अपने पति महेश निवासी चौमुंहा गभाना से विवाद चल रहा था। बुधवार को दोनों को महिला थाने तलब किया गया था। जहां उन्होंने थाने से बाहर ही समझौता कर लिया।
यह सुन महिला थाने की सिपाही यह कहते हुए भड़क गई कि हमसे पूछे बिना समझौता कैसा। उसके धमकाने में दोनों पक्ष आ गए और बात दस हजार की रिश्वत में तय हुई। दो हजार रुपये एडवांस दे दिए गए। इसके बाद भी एसओ महिला थाना ने दोनों में तलाक करा दिया। हालांकि उसी समय शिकायत एसएसपी तक पहुंची थी और एसएसपी ने एएसपी अमित कुमार को जांच के निर्देश दिए। एएसपी ने उसी दिन थाने पहुंचकर सभी पक्षों के बयान लिए थे। इसके बाद शुक्रवार को कृष्णा अपने बच्चे को वापस कराने की गुहार लेकर थाने पहुंची। जहां इंस्पेक्टर उसे देख भड़क गईं।
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जमकर गालियां दीं और धकियाकर थाने से निकाल दिया। उनका कहना था कि शिकायत कर दी और मीडिया में खबर निकलवा दी। मगर यह हरकत उसी समय वहां मौजूद किसी ने अपने मोबाइल में कैद कर ली। शनिवार को यह प्रकरण वीडियो क्लिप के माध्यम से एसएसपी व डीआईजी के सामने तक आया। चूंकि एएसपी अमित कुमार जांच कर रहे थे। तत्काल उनसे मामले में जानकारी ली गई और डीआईजी ने भी फरियादी से इस तरह के व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई।
एसएसपी जे रविंदर गौड़ ने एएसपी की रिपोर्ट, वीडियो क्लिप आदि के आधार पर इंस्पेक्टर महिला थाना मांगे देवी तोमर को निलंबित कर दिया। इसी प्रकरण में रिश्वत की आरोपी सीमा शर्मा व मंजू देवी को भी निलंबित कर दिया।
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