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सुरक्षा को ठेंगा दिखा गई रसूखदारों की कॉलोनी में वारदात

Sun, 03 Jul 2016 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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वरुण ट्रॉमा सेंटर में भर्ती मुनीष गौड़ को देखने पहुंचीं भाजपा नेत्री शशि सिंह। - फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
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जिस अवंतिका कॉलोनी में पूर्व विधायक मुनीष गौड़ रहते हैं उसमें राजनीतिक, प्रशासनिक और कारोबारी जगत के रसूखदार लोग रहते हैं। इसके बाद भी हमलावरों ने हमला करने के लिए इस स्थान को चुना। इसमें संदेह नहीं कि बदमाशों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे कहीं भी वारदात से नहीं चूक रहे।
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इस कॉलोनी में पूर्व सांसद और कारोबारी शीला गौतम, स्वयं अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के वीसी, बरौली से मौजूदा विधायक और पूर्व मंत्री ठा. दलवीर सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामसखी कठेरिया सहित कई कारोबारी भी रहते हैं। इनके घर के आगे भी सुरक्षा कर्मी रहते हैं और सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं।

लंबा राजनीतिक कैरियर है मुनीष गौड़ का
अलीगढ़। बरौली विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का ब्राह्मण चेहरा माने जाने वाले मुनीष गौड़ का लंबा राजनीतिक सफर रहा है। सन 1990 से पहले ही मुनीष गौड़ भारतीय जनता युवा मोर्चा में शामिल हो चुके थे और सक्रिय पदाधिकारी बने। पूर्व सांसद शीला गौतम के बेहद नजदीकी माने जाने वाले मुनीष गौड़ को शीला गौतम के ही प्रयासों से 1993 में पहली बार बरौली विधानसभा क्षेत्र से भाजपा का टिकट मिला और वह विजयी हुए। उस समय प्रदेश में राम लहर चल रही थी। वह तीन वर्ष विधायक रहे। 1996 में जब फिर से चुनाव हुआ तो भाजपा ने मुनीष गौड़ को ही टिकट दिया लेकिन वह विजयी नहीं हो सके। इसके बाद सन 2002 में तीसरी बार और 2012 में चौथी बार टिकट मिली। लेकिन जीत नहीं सके। इसके बाद भी बरौली में वह भाजपा का ब्राह्मण चेहरा माने जाते हैं और इस बार भी टिकट के प्रबल दावेदार हैं।
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बेटे का आपराधिक अतीत भी हो सकती है वजह
मुनीष गौड़ के चार बेटे हैं। इनमें से तीसरे नंबर का अभिषेक पिछले तीन चार वर्षों तक अपराध में सक्रिय रहा। उस पर मुकदमे भी दर्ज हैं। वह सक्रिय समय में बाइकर्स गैंग में भी सक्रिय रहा था। पुलिस जांच में इस बिंदु को भी शामिल कर रही है कि कहीं बेटे के आपराधिक अतीत की प्रतिक्रिया स्वरूप ही तो उन पर हमला नहीं हुआ है।

तीन बड़े राजनीतिक हमले हुए हैं
अलीगढ़ के राजनीतिक इतिहास में संभवत: यह दूसरा   ऐसा मौका है जब किसी पूर्व विधायक पर हमला किया गया है। इससे पहले सन 2006 में उस समय पूर्व विधायक मलखान   सिंह पर हमला किया गया था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। इसके अलावा विधानसभा चुनाव में बसपा से प्रत्याशी घोषित हुए धर्मेंद्र चौधरी पर हमला हुआ जिसमें उनकी मौके पर ही मौत हो    गई। तीन बड़े राजनीतिक हमलों के बाद जिले की राजनीतिक हल्कों में अब यह बात उठने लगी है कि जिले की राजनीति किस दिशा में जा रही है...?।

सीसीटीवी कैमरे में मिला पुलिस को क्लू
कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे पुलिस के लिए मददगार साबित हो रहे हैं। कुछ कैमरे तो खराब मिले लेकिन एडीए वीसी के घर के बाहर लगा सीसीटीवी कैमरा सही हालत में मिला। इस कैमरे में बदमाशों की फुटेज मिल गई हैं। पुलिस को इस कैमरे से ‘बड़ी’ मदद मिलने की उम्मीद है।

दो मिनट पहले दलवीर ने देखे थे संदिग्ध
अवंतिका कॉलोनी में पूर्व विधायक ठा. दलवीर सिंह का भी आवास है। वह घटना से दो मिनट पहले घर से निकले थे। इसी दौरान उन्हें कॉलोनी में एडीए वीसी के घर के सामने दो नकाबपोश युवक खड़े दिखाई दिए। ठा. दलवीर सिंह को स्वयं ही कुछ शक हुआ लेकिन वह आगे बढ़ गए। कुछ दूर चलने पर मुनीष गौड़ मिले और अभिवादन हुआ। इसके 10 मिनट बाद ही दलवीर सिंह पर फोन पहुंचा कि मुनीष गौड़ पर हमला हो गया है।

कल्याण सिंह ने की बात
राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने फोन पर मुनीष गौड़ से बात कर कुशलता की जानकारी ली। उन्हें हर संभव मदद दिलाने का भी भरोसा दिलाया। राज्यपाल की मुनीष से बातचीत पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी देवराज सिंह के फोन से हुई।
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