अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेताओं, कार्यकर्ताओं ने सोमवार को तस्वीर महल से कलेक्ट्रेट तक पैदल जुलूस निकालते हुए कलेक्ट्रेट में जमकर प्रदर्शन किया। गुजरे सप्ताह कान्वेंट स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि का विरोध करने के दौरान एडीएम सिटी कार्यालय पर हंगामा करने के प्रकरण में कुछ छात्र नेताओं के खिलाफ प्रशासन की ओर से थाना सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज करा दिया गया था। वह इसी मुकदमे को वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। ये मुकदमा बिना अनुमति एडीएम सिटी कार्यालय में घुसने और निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने की धाराओं में थाना सिविल लाइंस में दर्ज हुआ था।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश मंत्री योगेंद्र वर्मा, नगर मंत्री सीटू चौधरी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। चेन और ताले से बंद कलेक्ट्रेट गेट को धक्के देते हुए ताला तोड़ दिया। ताला तोड़ कर अंदर पहुंचे उग्र छात्र नेताओं ने एडीएम सिटी कार्यालय के बाहर ही उनको निलंबित करने, कान्वेंट स्कूलों से उनकी मिलीभगत की जांच करने, उनकी चल-अचल संपत्ति की जांच कराने, कान्वेंट स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि रोकने, एबीवीपी नेताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारी छात्र यहां पर डीएम को बुलाने की मांग पर अड़ गए। मौके पर पहुंचे सीओ थर्ड राजीव सिंह और छात्र नेता अमित गोस्वामी के बीच जम कर तूतू-मैंमैं हुई। छात्र नहीं माने तो एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव को बुलाया गया। एसपी सिटी पहुंचे तो छात्र एडीएम सिटी कार्यालय से निकल कर डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
पूरा रास्ता बंद कर दिया। यहां भी नारेबाजी होती रही। एसपी सिटी ने बार-बार समझाया कि चार नेता अफसरों से मिल कर अपनी बात रखें। नारेबाजी से कुछ हल नहीं निकलेगा। इस बीच कुछ लोगों ने प्रदर्शन रुकवाया और छात्रों की एडीएम फाइनेंस से वार्ता कराई। एडीएम फाइनेंस ने छात्रों का ज्ञापन लेकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्र वहां से निकले। इस दौरान नानक राजपूत, अंकित शर्मा, रोहित वार्ष्णेय, उमेश यादव, रोहित गौड़, तरुण चौधरी, मधुर माहेश्वरी सहित तकरीबन 70 छात्र प्रदर्शन में शामिल रहे।
जिलाधिकारी को अवगत करा दिया गया है। वही फैसला करेंगे। क्योंकि प्रकरण में सीधे मुझ पर आरोप लगाए गए हैं इसलिए मेरा कुछ कहना उचित नहीं है। जिलाधिकारी अवकाश पर हैं उनके आने पर कुछ फैसला होगा।
एसबी सिंह, एडीएम सिटी एवं प्रभारी जिलाधिकारी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेताओं ने सीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा है, जिसमें एडीएम सिटी को हटाने की मांग की गई है। इस संबंध में स्थानीय स्तर पर कुछ नहीं कहा जा सकता है। इसके अलावा कान्वेंट स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि रोकने के लिए जिलाधिकारी के नेतृत्व मेंकमेटी बनाने की मांग की है, जिसमें जिलाधिकारी के स्तर से ही फैसला होगा। छात्रों पर दर्ज मुकदमे पर भी उनके ही स्तर से फैसला किया जाएगा।
बच्चू सिंह, एडीएम फाइनेंस।