शहर में नाले एवं नालियों की साफ- सफाई समय से न होने से हल्की सी बारिश में ही कई इलाके ताल-तलैया बन जाते हैं। नागरिकों का आरोप है कि कूड़ा हटा लिया जाता है लेकिन नीचे जैसे का तैसा छोड़ दिया जाता है। किस तरह सफाई की गई थी, यह बारिश होने के बाद उफनकर बह रहे नालों को देखकर समझा जा सकता है। नालों की पुलिया के नीचे भी कभी सफाई नहीं होती है। जिससे बारिश के दिनों में हर साल जलभराव होता है।
ट्रैफिक इंतजाम भी बेकाम
महानगर के सभी प्रमुख मार्गों, बाजारों पर दिन भर जाम रहता है। बाजारों में पार्किंग न होने से वाहनों के इधर-उधर खड़े रहने से हर वक्त जाम लगा रहता है। अधिकांश चौराहों पर आधुनिक ट्रैफिक सिग्नल लगे होने के बाद भी यातायात का संचालन ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के हाथ के इशारे से हो रहा है। भले ही जाम से निजात मिले या न मिले, लेकिन यातायात नियम को तोड़ने पर तत्काल वाहन चालकों का चालान जरूर कट जाता है। सुबह से लेकर शाम तक शहर के रामघाट रोड, दुबे का पड़ाव से एटा चुंगी, आगरा रोड, गांधीपार्क बस स्टैंड से रसलगंज चौराहे तक जाम लगा रहता है।
बिजली व्यवस्था भी बेपटरी
शहर में खुले ट्रांसफार्मर, टूटे तार, बिजली के खंभों में आए दिन फाल्ट होते रहते हैं। उमस में बिजली खपत बढ़ी है। ओवरलोडिंग के चलते बिजली के ट्रांसफार्मर के फुंक जाने एवं ट्रिपिंग की समस्या बनी हुई है। बारिश के दिनों में फाल्ट को सही करना आसान नहीं होता है। ऐसे में होने वाली बिजली कटौती के कारण लोग गर्मी और उमस से लोग खासे परेशान हैं। कई -कई घंटे तक फाल्ट के चलते बिजली आपूर्ति नहीं होती है। इससे निपटने के लिए बिजली विभाग के पास कोई इंतजाम नही हैं।
स्मार्ट सिटी परियोजना में प्रस्तावित कार्यों को तय समय सीमा में पूरा कराए जाने के लिए निर्माणदायी संस्थाओं को निर्देशित किया गया है, ताकि नागरिकों को असुविधा का सामना न करना पड़े। बारिश से पूर्व सभी नाले एवं नालियों की सफाई के साथ ही कूड़े के ढ़ेरों को हटवाने, जलभराव वाले इलाकों में समस्या के निदान के लिए नगर निगम समेत संबंधित विभागों को कहा गया है। - इंद्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी