व्यापार मंडल के समर्पण कांप्लैक्स कार्यालय पर रविवार को चर्चा के दौरान अपना 5.60 लाख रुपये का गृह कर का बिल देखकर उत्तर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के मंत्री प्रेम मोहन वार्ष्णेय की तबियत बिगड़ गई। उन्हें साथी व्यापारी नेताओं ने संभाला और घर पहुंचाया।
कार्यालय पर साथियों के बीच चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि पहले उनका बिल 2634 रुपये का आता था। वह 2021-22 तक भुगतान कर चुके हैं। अब प्रोविजनल बिल आया है, जिसमें 9550 लगाकर 2017 के अनुसार कुल 5.60 लाख रुपये का भेजा है। यह कहते कहते वे घबरा गए और चक्कर आने लगे। अध्यक्ष सतीश माहेश्वरी ने उन्हें संभाला और पानी पिलाकर राहत पहुंचाई। इसके बाद उन्हें कुछ देर कार्यालय में आराम कराने के बाद घर पहुंचाया गया। व्यापारियों ने कहा है कि यह अन्याय नहीं तो और क्या है। इसे कतई लागू नहीं होने देंगे। इसके लिए कुछ भी करना पड़े। इस मौके पर दिनेश कुमार, श्रीकिशन गुप्ता, अशोक गुप्ता, ओ पी राठी, पंकज अग्रवाल, बीके तोमर, राज कुमार अग्रवाल आदि थे।