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भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं पातालेश्वर महादेव

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बिजौली स्थित पातालेश्वर महोदव मंदिर। - फोटो : CHHARRA
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तहसील अतरौली क्षेत्र के गांव बिजौली स्थित प्राचीन शिव मंदिर भक्तों की आस्था एवं श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। ऐसी मान्यता है कि मंदिर आने वाला कोई भी भक्त निराश होकर नहीं लौटता है। हर वर्ष यहां शिवरात्रि और सावन मेले का आयोजन होता है। हवन-यज्ञ, रूद्राभिषेक पाठ, कुश्ती दंगल आदि आयोजन होते हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर बाबा का जलाभिषेक करते हैं।
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यहां पातालेश्वर महादेव मंदिर में शिवलिंग के रूप में भोलेनाथ विराजमान हैं। जिला मुख्यालय से मंदिर की दूरी 40 किमी है। मान्यता है कि द्वापर युग में धुंध ऋषि की तपो भूमि पर स्वर्ग से सभी देवता एकत्रित होकर गंगा स्नान के लिए गए थे। वापसी में देवताओं ने कहा कि तपो भूमि पर कौन रुकेगा? तब सभी देवताओं ने इन्कार कर दिया। इस पर भोलेनाथ स्वयं पातालेश्वर महादेव के रूप में यहां विराजमान हो गए। मान्यता यह भी है कि कुछ मजदूर टीले की खुदाई कर रहे थे। तभी एक मजदूर का फावड़ा किसी चट्टान पर टकराने जैसी आवाज से रुक गया। खुदाई पर वहां शिवलिंग नजर आया, उससे दूध की धार बहने लगी। शिवलिंग को कहीं और स्थापित करने के लिए मजदूरों ने लगभग 50 फुट तक खुदाई की, लेकिन कोई छोर नहीं मिला तो ग्रामीणों ने उसी स्थान पर मंदिर स्थापित करा दिया। तब से इस मंदिर का नाम पातालेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्ध हुआ। पातालेश्वर महादेव मंदिर लगभग दो एकड़ में फैला हुआ है।
पर्यटन स्थल हो घोषित
पातालेश्वर महादेव मंदिर की मान्यता होने के बाद भी इसे पर्यटन स्थल घोषित नहीं किया गया है। वर्षों से इसकी मांग चली आ रही है। पर्यटन स्थल घोषित होने से न केवल मंदिर का जीर्णोद्धार होगा बल्कि यहां रोजगार के अवसर भी बढ़ सकेंगे। - सोनू कुमार, मंदिर पुजारी
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भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर महोदव की शरण में आते है, बाबा सबकी मुरादों को पूरा करते हैं। वर्षों से बाबा की नियमित पूजा कर रहे हैं। - चौधरी रूपेंद्र सिंह
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बाबा की कृपा सब पर बरसती है। क्षेत्रीय लोग शुभ कार्यों की शुरूआत बाबा के मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद ही करते हैं। - हरिओम वशिष्ठ
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