राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 25 जून को प्रेसिडेंशियल ट्रेन से दिल्ली से कानपुर तक का सफर तय करेंगे। इससे पूर्व वर्ष 2003 में तत्कालीन राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम ने दिल्ली से बिहार तक का सफर किया था। अलीगढ़ जिले में राष्ट्रपति की ट्रेन 35 किमी क्षेत्र से गुजरेगी। इसकी सुरक्षा का प्लान तैयार कर लिया गया है। पूरे रूट पर पुलिस, मजिस्ट्रेट, अधिकारी एवं कर्मचारी तैनात रहेंगे। रास्ते में पड़ने वाले ओवरब्रिज, अंडरपास, पुलिया व फाटक दस मिनट पहले बंद कर दिए जाएंगे।
जिला मजिस्ट्रेट चंद्र भूषण सिंह ने कहा कि इस वीवीआईपी कार्यक्रम में किसी प्रकार की शिथिलता क्षम्य न होगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली-हावड़ा ट्रैक अलीगढ़ की 35 किलोमीटर की सीमा में आता है। उन्होंने पुलिस एवं स्थानीय अभिसूचना इकाई के अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था का खाका खींचा। डीएम ने एडीएम सिटी को निर्देशित किया कि वह जोन एवं सेक्टरवार मजिस्ट्रेटों की तैनाती सुनिश्चित करें। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने पुलिस अधिकारियों को अपने थाना क्षेत्रों में सभी प्रकार की तैयार पूर्ण करने के निर्देश दिये। गांव-देहात एवं कॉलोनियों से गुजरने वाले रेलवे ट्रैक पर संवेदनशीलता के साथ छतों पर पुलिस अधिकारियों की तैनाती के भी निर्देश दिए।
एसपी सिटी शुभम पटेल ने बताया कि दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर जनपद की 35 किलोमीटर की सीमा में 8 थाने आते हैं। इनमें क्वार्सी, गांधी पार्क, सिविल लाइन, बन्ना देवी, गभाना, मडराक, महुआ खेड़ा का क्षेत्र आता है। गभाना थाना क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से अति संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। इस क्षेत्र में जंगली जानवरों की बहुतायत है। इसलिए क्षेत्र में ट्रैक की सुरक्षा के दृष्टिगत अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि ट्रैक पर 9 फ्लाई ओवर, 7 ब्रिज, 2 अंडरपास, 9 क्रासिंग, 4 रेलवे यार्ड पर सुरक्षा इंतजाम का निर्णय लिया गया है। ओवरब्रिज, अंडरपास, पुलिया व फाटक 10 मिनट पूर्व बंद कर दिए जाएंगे।
बड़े रेलवे स्टेशन के साथ ही छोटे स्टेशनों पर भी सेफ हाउस बनाए जाएंगे। अग्निशमन विभाग को रेलवे स्टेशन सहित अन्य चिन्हित स्थानों पर अग्निशमन वाहन तैनात करने के निर्देश दिए गए। रेलवे स्टेशन पर चिकित्सकीय टीम एंबुलेंस सहित तैनात रहेगी। बैठक में अभिसूचना इकाई को सूचना तंत्र मजबूत करने के लिए निर्देशित किया गया। बैठक में पुलिस, मजिस्ट्रेट, रेलवे समेत अन्य विभागों के अफसर मौजूद रहे।
प्रेसिडेंशियल ट्रेन की विशेषताएं
- प्रेसिडेंशियल ट्रेन बुलेट प्रूफ विंडो, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, उच्च गुणवत्तायुक्त जीपीएस, सेटेलाइट आधारित कम्युनिकेशन सिस्टम, डाइनिंग रूम, विजिटिंग रूम, लॉज रूम, कांफ्रेंस रूम के साथ हर आधुनिक सुविधा होती है। इसे प्रेसिडेंशियल सैलून के नाम से भी जाना जाता है। यह ट्रेन की श्रेणी में नहीं आती है, परंतु पटरियों पर चलने की वजह से इसे प्रेसिडेंशियल ट्रेन के नाम से पुकारा जाता है।