दुबे के पड़ाव स्थित तुलसी रेजीडेंसी अपार्टमेंट में अवैध निर्माण के खिलाफ एडीए सोमवार को फिर कार्रवाई करेगा। अपार्टमेंट के पांचवें तल पर बने अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए प्राधिकरण की टीम बुधवार को भी पहुंची थी, लेकिन बिल्डर पक्ष के विरोध के चलते कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी थी।
प्राधिकरण के मुताबिक, अपार्टमेंट में भूतल के साथ चार तल बनाने की अनुमति है, जबकि बिल्डर ने पांचवें तल पर पेंटहाउस बना रखा है। आरोप है कि छत पर जाने वाली सीढ़ियों को भी अपने हिस्से में शामिल कर लिया गया है। इससे अपार्टमेंट में रहने वाले करीब 40 परिवार छत का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। वे न तो धूप सेंकने के लिए छत पर जा सकते हैं और न ही कपड़े सुखाने सहित अन्य काम कर पा रहे हैं।
इस मामले में अपार्टमेंट निवासी गिरीश चंद्र उपाध्याय ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने पांचवें तल के अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के आदेश दिए थे। इसके बाद एडीए ने कार्रवाई शुरू की। बुधवार को प्राधिकरण के सचिव राहुल कश्यप विश्वकर्म के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची, लेकिन स्थानीय स्तर पर विरोध का सामना करना पड़ा। आरोप है कि बिल्डर ने कुछ लोगों, विशेषकर महिलाओं को आगे कर कार्रवाई का विरोध कराया और टीम को सीढ़ियों से ऊपर नहीं जाने दिया गया। मौके पर भाजपा नेता कुलदीप पांडेय, मनीष बूल समेत कुछ पार्षद और सराफा कारोबारी भी पहुंचे थे। कार्रवाई रोकने के लिए जनप्रतिनिधियों की ओर से फोन पर दबाव बनाए जाने की चर्चा भी रही।
अपार्टमेंट के कुछ निवासियों ने बिल्डर के समर्थन में पहुंचे लोगों को लेकर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि बिल्डर की ओर से उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं। अपार्टमेंट में न्यायपालिका, पुलिस और अन्य विभागों से सेवानिवृत्त लोग भी रहते हैं।
एडीए उपाध्यक्ष कुलदीप मीणा ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में कार्रवाई की जा रही है। अवैध निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त कर इसकी जानकारी हाईकोर्ट को दी जाएगी।