महुआ खेड़ा थाने के एक दरोगा की कारगुजारी पर शुक्रवार देर रात लोगों का गुस्सा भड़क गया। रुपयों की ठगी के मुकदमे के आरोपी को दरोगा ने थाने से छोड़ दिया। इस खबर पर लोग हंगामा करने लगे और देर रात तक थाने पर जमा थे। इधर, इंस्पेक्टर और सीओ के बुलाने पर भी देर रात तक दरोगा थाने पर नहीं आया। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है।
घटनाक्रम के अनुसार धनीपुर मंडी के आढ़ती वेदप्रकाश सिंह, संतोष व अजय कुमार ने पिछले दिनों मूल रूप से अटा दादों हाल धनीपुर के मनोज यादव पर लाखों रुपये की ठगी के मुकदमे दर्ज कराए। तीनों मुकदमों में ठगी करके रुपये लेने का आरोप है। जिनमें क्रमश: 12, 13 व 15 लाख रुपये जमीन के नाम पर लिए गए। इस मामले में दोपहर में आरोपी मनोज को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया। इस खबर पर तीनों मुकदमों के वादी व उनके समर्थक पहुंच गए। देर शाम तक इस बात को लेकर दोनों तरफ से वार्ता जारी रही कि इससे रुपये दिलवाए जाएं या लिखित भरोसा दिलवाया जाए। इस बात पर थाना इंस्पेक्टर सुनील कुमार भी आरोपी पर दबाव बनाए हुए थे। देर शाम करीब 9 बजे इंस्पेक्टर किसी काम से थाने से हटे। इसी बीच चौकी दरोगा ने आरोपी को थाने से छोड़ दिया। इसी बात पर पब्लिक भड़क गई और हंगामा करते हुए थाने में बैठ गई। इनके समर्थन में भाजपा युवा मोर्चा उपाध्यक्ष अमित गोस्वामी, बल्देव चौधरी आदि भी पहुंच गए। इंस्पेक्टर व सीओ द्वितीय दोनों थाने आए। देर रात करीब 11 बजे तक लोगों को समझाया गया। यह भी पता चला है कि आरोपी मनोज पर इसी तरह के दो मुकदमे पाली थाने में भी दर्ज हैं। इस पर सीओ ने इंस्पेक्टर को आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई के निर्देश दिए। इंस्पेक्टर महुआ खेड़ा सुनील कुमार के अनुसार मुकदमा गिरफ्तारी की धारा का नहीं था, इसलिए मुझे व वादी को बिना संज्ञान लिए आरोपी को नोटिस पर हस्ताक्षर कराकर छोड़ दिया। लोगों को समझाने का प्रयास जारी है।