मंगलवार रात 8:30 बजे शहर के सराय बारहसैनी के रहने वाले फूल कुमार के दाहिने हाथ में चोट लग गई थी। काफी खून बह गया। वह रात को 9 बजे मलखान सिंह जिला अस्पताल में पहुंचा। वहां कह दिया गया कि कल आना। वह काफी गुहार लगाता रहा मगर उसकी नहीं सुनी गई। बुधवार को फिर वह अस्पताल में पहुंचा। यहां फिर नहीं लगाया गया। बाद में भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री से फोन कराया तब 11 बजे उसके इंजेक्शन लग सका।
केस-2
सराय हकीम निवासी मोहम्मद मुगीश को भी मंगलवार को चोट लगी थी। लोहे से चोट लगी थी लिहाजा वह टिटनेस का इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल पहुंचे। वहां चिकित्सा कर्मी ने कह दिया कि इसमें इंजेक्शन की जरूरत नहीं है। मुगीश अगले दिन फिर पहुंचा और पूर्व विधायक से फोन कराया। तब इंजेक्शन लग सका।
केस-3
अशोक नगर निवासी विनोद पांडेय को बाइक की किक से पैर में चोट लग गई थी। जब परिवार वालों ने कहा तो वह भी इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल पहुंचे। मगर कल आने की कहकर वापस भेज दिया। बुधवार को वह अस्पताल पहुंचे तो एक कांग्रेस नेता की सिफारिश पर इंजेक्शन लग सका।
कर्मचारियों से मांगा जवाब
जिला अस्पताल में एक बीमार व्यक्ति की 28 अप्रैल को उपचार के दाैरान माैत हो गई थी। शिनाख्त नहीं होने पर अस्पताल प्रशासन ने शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया था। जहां शव एक सप्ताह तक रखा रहा। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम हो गया। सीएमएस डॉ. जगवीर सिंह ने बताया कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों से जवाब मांगा गया है।