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व्यवस्था को लगा जंग: सिफारिश पर लग रहे टिटनेस के इंजेक्शन, अस्पताल पहुंचने वालों को कह रहे अगले दिन आना

Thu, 08 May 2025 03:50 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

टिटनेस के इंजेक्शन को लेकर अलीगढ़ के सरकारी अस्पतालों में हालत बदतर हैं। बिना सिफारिश के इंजेक्शन नहीं मिल रहे हैं। आम जनता को अगले दिन की कहकर लौटा दिया जाता है।
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अस्पताल - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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अलीगढ़ के सरकारी अस्पतालों में टिटनेस का इंजेक्शन भी सिफारिशों पर लग रहा है। जिसकी कोई पहचान नहीं है उसे अस्पताल से यह कहकर टरका दिया जा रहा है कि इस चोट पर इंजेक्शन की कोई जरूरत नहीं है। इस प्रकार के मामले अफसरों तक पहुंचने लगे हैं मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही।

टिटनेस के इंजेक्शन के लिए क्यों इंतजार करना पड़ रहा है? क्या परिस्थितियां थीं, इसकी गहराई से जांच कराई जाएगी। यह भी पता किया जाएगा कि क्या उस वक्त टिटनेस का इंजेक्शन स्टॉक में था? अगर था तो यह बेहद गंभीर मामला है। - डॉ. जगवीर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक

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केस-1

मंगलवार रात 8:30 बजे शहर के सराय बारहसैनी के रहने वाले फूल कुमार के दाहिने हाथ में चोट लग गई थी। काफी खून बह गया। वह रात को 9 बजे मलखान सिंह जिला अस्पताल में पहुंचा। वहां कह दिया गया कि कल आना। वह काफी गुहार लगाता रहा मगर उसकी नहीं सुनी गई। बुधवार को फिर वह अस्पताल में पहुंचा। यहां फिर नहीं लगाया गया। बाद में भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री से फोन कराया तब 11 बजे उसके इंजेक्शन लग सका।
केस-2
सराय हकीम निवासी मोहम्मद मुगीश को भी मंगलवार को चोट लगी थी। लोहे से चोट लगी थी लिहाजा वह टिटनेस का इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल पहुंचे। वहां चिकित्सा कर्मी ने कह दिया कि इसमें इंजेक्शन की जरूरत नहीं है। मुगीश अगले दिन फिर पहुंचा और पूर्व विधायक से फोन कराया। तब इंजेक्शन लग सका।
केस-3
अशोक नगर निवासी विनोद पांडेय को बाइक की किक से पैर में चोट लग गई थी। जब परिवार वालों ने कहा तो वह भी इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल पहुंचे। मगर कल आने की कहकर वापस भेज दिया। बुधवार को वह अस्पताल पहुंचे तो एक कांग्रेस नेता की सिफारिश पर इंजेक्शन लग सका।

कर्मचारियों से मांगा जवाब
जिला अस्पताल में एक बीमार व्यक्ति की 28 अप्रैल को उपचार के दाैरान माैत हो गई थी। शिनाख्त नहीं होने पर अस्पताल प्रशासन ने शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया था। जहां शव एक सप्ताह तक रखा रहा। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम हो गया। सीएमएस डॉ. जगवीर सिंह ने बताया कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों से जवाब मांगा गया है।
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