टीईटी परीक्षा में पकड़ा गया फर्जी खंड विकास अधिकारी क्वार्सी पुलिस की गिरफ्त में।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की परीक्षा के दौरान बुधवार सुबह टीकाराम कन्या डिग्री कॉलेज के सामने के स्टूडियो संचालक को फोटोग्राफर से अफसर बनना भारी पड़ गया। हालांकि उसका मकसद मात्र परीक्षार्थियों की भीड़ से चंद रुपये कमाना था, मगर उसका तरीका फर्जी था। वह कभी अपनी दुकान के बाहर तो कभी कॉलेज के गेट पर घूमकर परीक्षार्थियों के प्रमाण पत्र खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) व सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी नगर अलीगढ़ (एबीएसए) की फर्जी मुहर से प्रमाणित कर रहा था। इसकी एवज में प्रति प्रमाण पत्र वह 50 रुपये वसूल रहा था। जब पुलिस को इसकी कारगुजारी की भनक लगी तो उसे दबोच लिया और दुकान से मुहर भी बरामद कर लीं। दिन भर चली पूछताछ के बाद उसके खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
घटनाक्रम के अनुसार टीईटी के टीकाराम कन्या महाविद्यालय परीक्षा केंद्र के बाहर सुबह 10 से 12:30 बजे तक पाली में क्वार्सी थाने का पुलिस स्टाफ सुरक्षा ड्यूटी दे रहा था। इसी दौरान पुलिसकर्मियों को देखने में आया कि एक युवक कभी कॉलेज के गेट पर तो कभी कॉलेज के सामने स्थित फोटो स्टूडियो में बैठकर मजमा लगा ले रहा है। परीक्षा देने आ रहे परीक्षार्थी भी उसके आगे पीछे घूम रहे हैं और वह उनके प्रमाण पत्र किसी मुहर से प्रमाणित कर रहा है। इस पर स्टाफ ने थाना प्रभारी व अन्य अधिकारियों को जानकारी दी।
इस पर तत्काल पुलिस टीम फोटो स्टूडियो पर पहुंची तो वहां देखा कि युवक परीक्षार्थियों के प्रमाण पत्र मुहर लगाकर प्रमाणित कर रहा है। तत्काल उसे दबोच लिया गया। उसके पास से बरामद मुहर, इंकपैड, अंक पत्रिकाएं व 1710 रुपये भी जब्त कर लिए गए। थाने लाकर हुई पूछताछ में उसने अपना नाम अमन गुप्ता पुत्र अरविंद निवासी भगवान नगर कृष्णा विहार सासनी गेट बताया। उसने स्वीकारा कि वह फोटो स्टूडियो का स्वामी है और 50-50 रुपये लेकर वह परीक्षार्थियों के प्रमाणपत्र प्रमाणित कर रहा था। इस जानकारी पर एएसपी ने भी थाने आकर युवक से पूछताछ की। इंस्पेक्टर क्वार्सी के अनुसार युवक के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसे बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेजा जाएगा।
पहले से करता रहा है वह यह गोरखधंधा
युवक ने पूछताछ में स्वीकारा कि उसकी दुकान कॉलेज के सामने है। जहां अक्सर छात्राओं व इस तरह के परीक्षा केंद्रों के दौरान आने वाले परीक्षार्थियों को प्रमाणपत्र प्रमाणित कराने की जरूरत पड़ती है। इसलिए उसने काफी पहले से इस तरह की राजपत्रित अधिकारियों की दो मुहर बनवा रखी हैं और वह काफी पहले से 50 रुपये प्रति प्रमाण पत्र के हिसाब से यह धंधा करता आ रहा है।