21 मई 2013 को चार सशस्त्र बदमाश बैंक में घुसे और डरा धमकाकर शांत रहने को कहा। फिर प्रबंधक व सहायक प्रबंधक को कुर्सियों से नीचे बैठा दिया और उनको सिर ऊपर न करने की हिदायत दी। एक बदमाश कैशियर के पास गया और नकदी लूट ली।
अलीगढ़ में इगलास क्षेत्र के गांव साथिनी की ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त शाखा में बारह वर्ष पहले हुई डकैती की वारदात में एक दोषी को दस वर्ष कैद की सजा सुनाई गई है। यह फैसला एडीजे 14 अमित कुमार तिवारी की अदालत ने सुनाया है। साथ में एक लाख रुपया अर्थदंड भी नियत किया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त शाखा साथिनी के प्रबंधक एके कटियार ने 21 मई 2013 को मुकदमा दर्ज कराया था कि वह ग्राहकों के साथ लेनदेन कर रहे थे। तभी दोपहर 1:20 बजे चार सशस्त्र बदमाश बैंक में घुसे और डरा धमकाकर शांत रहने को कहा। फिर प्रबंधक व सहायक प्रबंधक को कुर्सियों से नीचे बैठा दिया और उनको सिर ऊपर न करने की हिदायत दी। एक बदमाश कैशियर के पास गया और नकदी लूट ली। इसके बाद स्ट्रांग रूम की चाबी लेकर वहां से छह लाख रुपये निकाल लिए और स्टाफ व ग्राहकों को स्ट्रांग रूम के साथ वाले कमरे में बंद करके भाग गए।
बैंक से कुल 9,33,490 रुपये की लूट हुई थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए जांच के बाद छह लोगों के खिलाफ डकैती में चार्जशीट दी। सत्र परीक्षण के दौरान तीन की फाइल अलग कर दी गई। दो के फरार होने के चलते भगौड़ा घोषित कर दिया गया। एक अपराधी बुलंदशहर के जहांगीरपुर के गांव उदयपुर निवासी सुंदर उर्फ देवा जाट को साक्ष्यों व गवाही के आधार पर दोषी करार देकर सजा सुनाई है।