अलीगढ़। भीषण गर्मी का असर अब चौतरफा देखने को मिल रहा है। दोपहर में जहां मार्केटों में सन्नाटा पसर जाता है तो जिला अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में भी गर्मी से प्रभावित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सोमवार को अलीगढ़ में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
मंगलवार को तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है (स्रोत: इंडियन मीट्रियोलोजिकल डिपार्टमेंट)। आने वाले दिनों में मौसम का यह कहर इसी तरह बना रह सकता है। सोमवार को सुबह से ही मौसम गर्म था। सुबह 10 बजे स्थिति यह थी कि तेज धूप में बाहर निकलना मुश्किल था। दोपहर तक स्थिति और भी खराब हो गई।
अस्पतालों में मरीज बढ़े, बच्चा वार्ड फुल
गर्मी के चलते मलखान सिंह जिला अस्पताल, दीन दयाल संयुक्त अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. वाई के भारद्वाज कहते हैं कि सामान्य दिनों में जहां मरीजों की संख्या 1200 के आसपास रहती है वहीं अब 1800 के करीब मरीज आ रहे हैं। इतने ही मरीज पुराने और है।
बच्चों पर गर्मी का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है, इसीलिए बच्चा वार्ड फुल है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्श दाता डॉ. यशपाल रावल कहते हैं कि गर्मी में खान पान के प्रति बेहद सावधान रहने की जरूरत है। केवल खानपान के माध्यम से ही गर्मी से बचा जा सकता है। डॉ. रावल कहते हैं कि गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा रखना बेहद जरूरी है, ताकि बाहर की गर्मी आपके स्वास्थ्य को नुकसान न पहुंचा सके। इसके लिए यह उपाय कर सकते हैं।
- गर्मी के मौसम में नींबू पानी, नारियल पानी, दही और छाछ का सेवन अच्छी मात्रा में करना चाहिए। इस तरह के पेय पदार्थ न केवल शरीर में ठंडक पहुंचाते हैं, बल्कि शरीर में पानी की कमी भी नहीं होने देते।
- बहुत ज्यादा ठंडे पेय पदार्थ पीने से बचें। एकदम गर्मी में ठंडा पानी पीने से कुछ देर के लिए तो अच्छा लग सकता है, लेकिन इससे शरीर को ठंडक नहीं मिलती। इससे त्वचा की रक्त कोशिकाएं पिचक जाती हैं जिससे शरीर से ताप कम निकल पाता है।
- इस मौसम में चाट-पकौड़ी या अन्य तेल व मसालेदार खाद्य पदार्थ खाने से बचें। इसमें इस्तेमाल होने वाले उबले आलू बासी हो सकते हैं जो आपको फूड प्वाइजनिंग या अन्य प्रकार से बीमार कर सकते हैं। चिप्स, नमकीन, तेल व घी युक्त भोजन में थर्मल इफेक्ट होता है, जो गर्मी उत्पन्न करता है।
- कैफ ीन युक्त चीजें और सॉफ्ट ड्रिंक्स का सेवन कमसे कम करें। इनमें प्रिजर्वेटिव्स, रंग व शुगर की भरपूर मात्रा होती है साथ ही यह अम्लीय प्रकृति और डाईयूरेटिक होते हैंए जो शरीर से पानी मलमूत्र के रूप में निकालते हैं। सॉफ्ट ड्रिंक्स में फ ॉस्फ ोरिक एसिड की मात्रा भी अधिक होती है जिसका प्रभाव पाचन पर पड़ता है। इससे शरीर में से मिनरल्स की मात्रा भी कम हो जाती है।
- कटे हुए फ ल, खास तौर से तरबूज, खरबूजा, सड़े हुए पुराने फ ल या इनसे बने जूस का कतई सेवन न करें। इसके बजाए ताजे फ ल खरीदें और कटे हुए फ ल तुरंत उपयोग में लाएं। फ्रि ज में भी ज्यादा समय तक कटे हुए फ लों को न रखें।
- खाने में पनीर की सब्जी या दूध से बनी सब्जी जैसे मलाई कोफ्ता आदि का सेवन करें। इस तरह की सब्जियां गर्मी में जल्दी खराब और संक्रमित हो सकती हैं और आपको भी संक्रमित कर सकती हैं।
- खूब पानी पिएं। पानी शरीर को ठंडा बनाए रखने में मददगार है। पानी पीने से शरीर की गर्मी सही रूप से बाहर निकलती है और यह शरीर को हाइड्रेट भी करता है। रोजाना कम से कम 8.10 गिलास पानी पिएं। लेकिन हर जगह का पानी पीने से बचें।