अमर उजाला की ओर से मदर्स टच सीनियर सेकेंडरी स्कूल में नई दिशा कार्यक्रम में साइबर सेल के साइबर पुलिस की उप पुलिस अधीक्षक नीलम शर्मा, उप निरीक्षक समर पाल सिंह, उप निरीक्षक कुसुम लता ने ने छात्र-छात्राओं को साइबर ठगी से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आप सावधानी बरतते हैं, तो दिक्कत में नहीं आ सकते हैं।
नीलम शर्मा ने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों को लेकर भी सतर्क रहना चाहिए। अगर वह मोबाइल पर गेम खेलते हैं, तो ध्यान रखें, क्योंकि वह गेम के जरिये ठगी का शिकार हो सकते हैं। उप निरीक्षक समर पाल सिंह ने कहा कि ने कहा कि अगर कोई आपके आधार कार्ड नंबर पर सिम ले रखा है, तो उसे बंद करा सकते हैं। इसके लिए आपको टीएएफसीओपी कंज्यूमर पोर्टल पर जाकर मोबाइल नंबर डालना होगा।
इसके बाद ओटीपी आएगा। फिर आपके आधार से लिए गए सभी मोबाइल नंबर दिखने लगेंगे। जिस नंबर को बंद कराना चाहते हैं, तो उस पर टिक लगाकर रिपोर्ट पर ओके के बटन पर टच कर दें। यह पोर्टल दूरसंचार विभाग का है। कुसुम लता ने कहा कि फेसबुक पर अनजान लोगों से दोस्ती न करें। स्कूल की प्रधानाचार्या आरती मित्तल ने छात्र-छात्राओं से कहा कि भले ही उन्होंने विज्ञान, गणित की कक्षाएं छोड़ी हैं, लेकिन जीवन में काम आने और परेशानी से बचाने वाली साइबर सेल की कार्यशाला जरूर काम आएगी।
हेल्पलाइन पर कर सकते हैं शिकायत
बच्चों की शिकायतों के बारे में जारी हेल्पलाइन 1098 व महिलाओं के संबंध में जारी हेल्पलाइन 1090 व साइबर अपराधों के संबंध में जारी हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत कर सकते हैं।
साइबर अपराध से बचने के तरीके
-टेलीफोन कॉल पर एटीएम/बैंक अकाउंट संबंधी जानकारी जैसे ओटीपी, सीवीवी नंबर आदि कभी भी किसी से साझा न करें।
-एटीएम बूथ में ट्रांजेक्शन करने जाएं तो इस बात को सुनिश्चित कर लें, एटीएम बूथ में कोई अंजान व्यक्ति मौजूद न हो।
-ट्रांजेक्शन के समय अपने पिन नंबर को छिपा कर अंकित करें। प्रक्रिया पूरी होने पर ही बूथ को छोड़ें।
-सभी अकाउंट के लिए एक पासवर्ड न रखें।
-पासवर्ड में विशेष अक्षर, गिनती होनी चाहिए।
-जन्मतिथि, नाम, मोबाइल नंबर किसी को शेयर न करें।
-बार-बार पासवर्ड बदलते रहना चाहिए।
-अनजान व्यक्ति को सरकारी योजना के लिए आधार व खाता का नंबर न दें।
-क्यूआर कोड या पेमेंट लिंक भेजता है, तो उसकी जांच किए बगैर भुगतान न करें।
-ओएलएक्स के माध्यम से चीजों को बेचने या खरीदने के लिए क्यूआर कोड या लिंक को सत्यापन के बिना शेयर न करें।
-फेसबुक, इंस्टाग्राम पर फ्रेंड रिक्वेस्ट आती है तो बिना सत्यापन के स्वीकार न करें।
-किसी भी एप्लीकेशन को इंस्टाल करते समय उसकी नीति के बारे में जानकारी कर लें।
-एनी डेस्क या टीम व्यूवर, क्विक सपोर्ट आदि के एप्लीकेशन डाउनलोड करने से बचना चाहिए।