महानगर से सटे सारसौल के गांव भीकमपुर की किशोरी की हत्या के बाद उसका शव अमरूद के बाग में पेड़ पर फंदा लगाकर टांग दिया गया। दुपहर से गायब किशोरी की लाश मिलने पर इलाके में खलबली मच गई। रोते बिलखते परिजन भी पहुंच गए। खबर पर पुलिस व फॉरेंसिक टीम भी पहुंच गई। प्रथम दृष्टया दुष्कर्म का अंदेशा तो नहीं प्रतीत हो रहा है। मगर पुलिस ने इस दिशा में भी काम शुरू कर दिया है और अंदेशा है कि कहीं दुष्कर्म में असफल होने पर हत्या न की गई हो। इसके बाद आत्महत्या दर्शाने को शव फंदे पर टांग दिया हो।
जीटी रोड के सहारे बसे गांव भीकनपुर के मजदूर परिवार की 14 वर्षीय बेटी आठ बहनों में सातवें नंबर की थी। प्राइमरी तक पढ़ाई के बाद वह पास के शोरूमों में काम करने भी जाया करती थी। पांच बड़ी बहनों की शादी हो गई है। अब वह तीन बहनें थीं। दुपहर करीब ढाई बजे घर के पास उसकी गाय चरते-चरते कहीं चली गई। इस पर मां ने उसे गाय को तलाशकर लाने के लिए भेजा। इसी दौरान किशोरी घर से निकली। फिर नहीं लौटी। शाम करीब साढ़े छह बजे जीटी रोड के एक वाहन शोरूम के पीछे के अमरूद के बाग में शौंच को गए परिवार के चाचा की नजर अमरूद के पेड़ पर फंदे पर झूलती किशोरी की लाश पर गई तो वहां शोर मच गया।
खबर पर परिजन आ गए और बेटी को पहचान लिया। सीओ द्वितीय सोमदत्त, एसओ बन्नादेवी विनोद कुमार भी फॉरेंसिक टीम के साथ पहुंच गए। शव दुपट्टे से फंदे पर झूल रहा था और उसके पैर का पंजा जमीन से छू रहा था। इसे देख लग रहा था कि शव हत्या का लटकाया गया है। हालांकि कपड़े अस्त व्यस्त नहीं थे। मगर चप्पल पैरों से अलग पड़ी थीं और महसूस हो रहा था कि चप्पल घसीटी गई हैं। इलाके की महिलाओं को भी दिखाया गया। दुष्कर्म जैसी बात सामने नहीं आई। फिर भी इस दिशा में साक्ष्य संकलित किए गए हैं और दुष्कर्म की कोशिश में असफल रहने पर हत्या का अंदेशा खुद पुलिस मानकर जांच कर रही है। परिवार ने गांव में किसी तरह की रंजिश से इंकार किया है। एसओ बन्नादेवी विनोद कुमार के अनुसार परिवार से तहरीर नहीं मिली। पोस्टमार्टम को शव भेजा गया है। जांच शुरू कर दी गई है। हर आशंका पर काम किया जा रहा है। सुसाइड को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।