फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षकों का फूटा दर्द, डीआईओएस कार्यालय पर किया प्रदर्शन

विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना ने उन शिक्षकों के हाथों में ईंटें, सब्जी की ढकेल थमा दिया है, जिनके हाथों में कलम होती थी। दरअसल, मार्च से वित्तविहीन विद्यालय बंद हैं। ऐसे में इन शिक्षकों के सामने आर्थिक समस्या खड़ी हो गई है। वह भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। शिक्षकों की समस्याओं को लेकर डीआईओएस कार्यालय के बाहर वित्तविहीन शिक्षक महासभा ने जनसभा कर अपनी आवाज बुलंद की।
विज्ञापन

सोमवार को महासभा के जिलाध्यक्ष पवन शर्मा के नेतृत्व में शिक्षा व शिक्षक बचाओ आग्रह आंदोलन की शुरुआत की गई। उन्होंने कहा कि पांच महीने से शिक्षकों को वेतन नहीं मिला है। वह अध्यापन कार्य छोड़कर सब्जी की ढकेल लगा रहे हैं। भवन निर्माण में ईंटें ढो रहे हैं। शिक्षकों की दयनीय स्थिति से सांसद व विधायकों को अवगत कराएंगे। प्रदेश महामंत्री नीरज शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षकों को केवल मजदूर ही मान रही है। बनी सिंह बघेल ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों के साथ सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है। संगठन मंत्री देवराज शर्मा, जिला उपाध्यक्ष सुधीर कुमार, सुभाष पचौरी ने भी विचार व्यक्त किए।
सभा में प्रशांत शर्मा, हरवीर सिंह, देवी चरण शर्मा, सुभाष आर्य, बलवंत प्रताप सिंह, नरेश वर्मा, दीपेंद्र सिंह, विनोद कुमार, पीपी सिंह, चांद खां, आरए खान, कृष्ण गोपाल, नवीन कुमार, मनोज कुमार शर्मा, वीरेंद्र बघेल, लोकेश उपाध्याय, विनोद चौधरी, सुधीर बाबू आर्य, योगेंद्र सेंगर, अनुज आचार्य, केपी सिंह, पंकज गौड़ आदि मौजूद रहे। डीआईओएस को प्रदेश महामंत्री नीरज शर्मा ने ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें