हाईकोर्ट के शिक्षक भर्ती की काउंसिलिंग पर रोक लगाने के फैसले के बाद बुधवार को नौरंगीलाल राजकीय इंटर कॉलेज में आए अभ्यर्थियों के चेहरे लटक गए। वो मायूस होकर अपने घर लौट गए।
प्रदेश भर में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती की काउंसिलिंग बुधवार से शुरू हो गई थी। इसी कड़ी में नौरंगीलाल राजकीय इंटर कॉलेज में काउंसिलिंग सुबह 10 बजे से शुरू हुई। उधर, हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में शिक्षकों की भर्ती को लेकर सुनवाई चल रही थी। दोपहर करीब एक बजे जैसे ही काउंसिलिंग पर रोक लगने की खबर नौरंगीलाल राजकीय इंटर कॉलेज में आई। वैसे ही अभ्यर्थियों व उनके परिजनों के चेहरे पर निराशा झलकने लगी। अभ्यर्थियों ने कहा कि उम्मीद थी कि अब उनके दिन अच्छे आने वाले हैं, लेकिन कुएं के पास आकर भी प्यासे रह गए। अभ्यर्थियों का आना सुबह छह बजे से ही शुरू हो गया था। उधर, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश सरकार की विफलता है। सरकार पहले सारे मामले स्पष्ट कर लेती, फिर काउंसिलिंग की तिथि घोषित करती, तो बेहतर होता। बहरहाल, इससे अभ्यर्थियों की आर्थिक व समय की बर्बादी हुई है।
काउंसिलिंग के दौरान उड़ी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां
नौरंगीलाल राजकीय इंटर कॉलेज में 922 शिक्षकों की भर्ती की काउंसलिंग बुधवार से शुरू हो गई थी। हाईकोर्ट का फैसला आने तक करीब 250 अभ्यर्थियों की काउंसलिंग हो चुकी थी। काउंसिलिंग के लिए अभ्यर्थियों व उनके परिजनों ने सोशल डिस्टेंसिंग की खुलेआम धज्जियां उड़ाईं। कॉलेज परिसर में ज्यादातर चेहरों न तो मास्क थे और न ही उनमें दो गज का फासला था। ज्यादातर अभ्यर्थियों व परिजनों में जागरूकता की कमी दिखी। हालांकि, काउंसिलिंग के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो। इसके लिए 10 काउंटर बनाए गए थे।
अभ्थ्यर्थियों केे बोल
काउंसिलिंग पर रोक लगने से झटका लगा है। फिर भी मुझे उम्मीद है कि अगली सुनवाई के बाद तस्वीर साफ हो जाएगी।
-निर्भय प्रताप, एटा
जब मुझे पता चला कि हाईकोर्ट ने काउंसिलिंग पर रोक लगा दी है, तो परेशान सा हो गया। खैर, आगे सुखद नतीजे आएंगे।
-धर्मेंद्र सिंह, खैर
-शिक्षकों की भर्ती की काउंसिलिंग पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। अब आगे हाईकोर्ट का जैसा निर्णय होगा, उसी के अनुसार प्रक्रिया अपनायी जाएगी।
-डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय, बीएसए