सबसे पहले इस ठग की कॉल बीएसए के पास यह कहते हुए आई थी कि उस शिक्षक से बात करनी है। फिर उन्होंने एबीएसए से संपर्क कराया। बाद में एबीएसए ने प्रधानाध्यापिका को नंबर भेजा था। तब शिक्षक तक यह ठग पहुंचा था।
ये था मामला
12 नवंबर को विद्यालय में आयोजित प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान के बाद वंदे मातरम का गायन हो रहा था। जिसका विरोध सहायक अध्यापक शमसुल हसन ने किया था। इसकी जानकारी मिलते ही खंड शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय का निरीक्षण किया था, जिसमें विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सुषमा रानी सहित अन्य शिक्षकों ने इस शिकायत को सही बताया था। शिक्षकों ने लिखित बयान में कहा था कि शमसुल हसन ने वंदे मातरम का विरोध करते हुए कहा कि यह हमारे मजहब के खिलाफ है। प्रेमलता, सबीहा साबिर, महेश बाबू और राजकुमारी के अनुसार, शमसुल हसन द्वारा ‘वंदे मातरम’ का विरोध किया गया था। इसके बाद बीएसए ने शमसुल हसन को निलंबित कर दिया था।