फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Cyber Crime: वंदेमातरम न गाने वाले शिक्षक से 50 हजार ठगे, खुद को उप्र सचिवालय का अधिकारी बताकर ठगा

Sun, 07 Dec 2025 05:55 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

सबसे पहले इस ठग की कॉल बीएसए के पास यह कहते हुए आई थी कि उस शिक्षक से बात करनी है। फिर उन्होंने एबीएसए से संपर्क कराया। बाद में एबीएसए ने प्रधानाध्यापिका को नंबर भेजा था। तब शिक्षक तक यह ठग पहुंचा था।
 
विज्ञापन
साइबर ठगी - फोटो : प्रतीकात्मक
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

साइबर ठगों की सोच का अंदाजा नहीं लगाया जा सका। अब साइबर ठगी का ऐसा ही एक मामला ब्लाक लोधा के उच्च प्राथमिक विद्यालय शाहपुर कुतुब में वंदेमातरम न गाने वाले शिक्षक शमशुल हसन संग हुआ है। साइबर ठग ने खुद को उप्र सचिवालय का अधिकारी बताकर वंदेमातरम प्रकरण में जानकारी की। उसे मदद के नाम पर लखनऊ भी बुलाया। क्यूआर कोड से 50 हजार रुपये डलवा लिए। जब वह लखनऊ में नहीं मिला तो शिक्षक को खुद के संग ठगी का अहसास हुआ।

विज्ञापन


शमसुल हसन ने बताया कि 18 नवंबर को प्रधानाध्यापिका का फोन आया। उन्होंने एक नंबर देते हुए बताया कि यह नंबर उन्हें एबीएसए ने दिया है। इस नंबर पर बात कर लें। उन्होंने दिए गए नंबर पर बात की तो उस व्यक्ति ने खुद को सचिवालय से बताया। वंदेमातरम प्रकरण का जिक्र करते हुए पूछा- क्या प्रकरण था। इस मामले में उनकी गिरफ्तारी होगी। थोड़ी देर में उन्होंने कहा, अगर कार्रवाई से बचना चाहते हो, तो जुर्माना लगेगा। क्यूआर कोड भेज रहे हैं, उस पर दो हजार रुपये डाल दें। शमसुल ने उसकी बातों में आकर पहले दो हजार फिर भेज दिया। लगातार पैसे की मांग होती रही। 

23 नवंबर को कुल 50 हजार रुपये क्यूआर कोड से डलवा लिया। इसके बाद उसे सचिवालय बुलाया। वह 26 नवंबर को दोपहर 3:30 बजे सचिवालय पहुंचे, लेकिन वह नहीं मिला और न ही फोन उठाया। काफी इंतजार करने के बाद उस व्यक्ति का फोन नहीं आया, तब जाकर उनके साथ ठगी होने एहसास हो गया। इस प्रकरण की जानकारी बीएसए से की, तो उन्होंने ठग के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा। शमुसल ने कहा कि इस मामले में ठग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। उधर, उर्दू टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गुलजार अहमद ने कहा कि इस प्रकरण में राज्यमंत्री दानिश अंसारी के नेतृत्व में सचिवालय के अधिकारियों से मिलकर शिक्षक की शिकायत दर्ज कराएंगे।

शिक्षक को इस तरह रुपये नहीं भेजने थे। अगर कॉल पर उस व्यक्ति ने रुपयों की डिमांड की थी, तो उसकी जानकारी उन्हें देनी चाहिए थी। मगर ऐसा नहीं किया।-डा.राकेश सिंह, बीएसए

विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे आया था नंबर

सबसे पहले इस ठग की कॉल बीएसए के पास यह कहते हुए आई थी कि उस शिक्षक से बात करनी है। फिर उन्होंने एबीएसए से संपर्क कराया। बाद में एबीएसए ने प्रधानाध्यापिका को नंबर भेजा था। तब शिक्षक तक यह ठग पहुंचा था।

ये था मामला
12 नवंबर को विद्यालय में आयोजित प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान के बाद वंदे मातरम का गायन हो रहा था। जिसका विरोध सहायक अध्यापक शमसुल हसन ने किया था। इसकी जानकारी मिलते ही खंड शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय का निरीक्षण किया था, जिसमें विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सुषमा रानी सहित अन्य शिक्षकों ने इस शिकायत को सही बताया था। शिक्षकों ने लिखित बयान में कहा था कि शमसुल हसन ने वंदे मातरम का विरोध करते हुए कहा कि यह हमारे मजहब के खिलाफ है। प्रेमलता, सबीहा साबिर, महेश बाबू और राजकुमारी के अनुसार, शमसुल हसन द्वारा ‘वंदे मातरम’ का विरोध किया गया था। इसके बाद बीएसए ने शमसुल हसन को निलंबित कर दिया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें