कर अधिवक्ताओं ने कहा कि जीएसटी पोर्टल से नोटिस और ऑर्डर की तामीली का पता ही नहीं चल पाता है, जिसके चलते समय पर आगामी कार्रवाई नहीं हो पाती और व्यापारियों पर फर्जी या बोगस रिकवरी खड़ी हो जाती है।
अलीगढ़ कर अधिवक्ता एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने जीएसटी भवन (ताला नगरी) में उच्च अधिकारियों से मुलाकात कर विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट मुकेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में हुई इस बैठक में नोटिस की ऑनलाइन तामीली से लेकर बोगस रिकवरी तक के मुद्दों को जोर-शोर से उठाया गया।
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बैठक में अध्यक्ष मुकेश कुमार गुप्ता ने मुख्य मुद्दा उठाते हुए कहा कि जीएसटी पोर्टल से नोटिस और ऑर्डर की तामीली का पता ही नहीं चल पाता है, जिसके चलते समय पर आगामी कार्रवाई नहीं हो पाती और व्यापारियों पर फर्जी या बोगस रिकवरी खड़ी हो जाती है। उन्होंने मांग की कि किसी भी आदेश या नोटिस की तामीली अनिवार्य रूप से प्रोसेस सर्वर या रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से कराई जानी चाहिए।
वहीं, पूर्व महामंत्री एडवोकेट अंशुल वार्ष्णेय ने मांग रखी कि जीएसटी में जो भी आदेश पारित किए जाएं, उनमें सुनवाई करने वाले संबंधित एडवोकेट का नाम स्पष्ट रूप से अंकित होना चाहिए। इसके अलावा, पूर्व अध्यक्ष एवं कोऑर्डिनेटर एडवोकेट पुनीत अग्रवाल ने पंजीयन से जुड़ी आ रही तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 रघुराज प्रताप मल्ल, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 (अपील) मुंशी चौहान और एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 (विजिलेंस) ने सभी मुद्दों का शीघ्र और उचित समाधान कराने का ठोस आश्वासन दिया।
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इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट मुकेश कुमार गुप्ता, महामंत्री एडवोकेट विकास गुप्ता, एडवोकेट केपी भारद्वाज, एडवोकेट भगवती प्रसाद, एडवोकेट आकाश मिश्रा, एडवोकेट आकाश अग्रवाल, एडवोकेट प्रिंस गर्ग, एडवोकेट मिलन वार्ष्णेय, एडवोकेट मयंक वार्ष्णेय, एडवोकेट संजय सिंह, एडवोकेट अमित कुमार आदि मौजूद थे।