लोधा थाना क्षेत्र के अलीगढ़-गोंडा मार्ग पर टाटा मोटर्स कंपनी के नाम का नकली डीईएफ बेचने वाली दुकान पर छापा मारा गया। मौके पर 20 बॉल्टी माल बरामद हुआ। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। डीईएफ (डीजल एग्जास्ट फ्लूइंड) में 32 प्रतिशत यूरिया और 68 फीसदी वियानकीकृत जल का घोल होता है। यह वाहनों से नाइट्रोजन आक्साइड का उत्सर्जन कम करता है। इसका प्रयोग डीजल इंजन वाले वाहनों में होता है।
इस मामले की शिकायत करने वाले सतीश चंद्र निवासी नई सीथ्रीआई कंस्लटेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में मैनेजर है। उनको टाटा मोटर्स कंपनी से संबंधित शिकायतों में कार्रवाई के लिए अधिकृत किया गया है। सतीश ने बताया कि उन्हें सूत्रों से पता चला कि अलीगढ़ गाेंडा रोड पर डिग्सी निवासी अभिषेक कुमार उर्फ भूरा पुत्र रघुवीर सिंह टाटा मोटर्स कंपनी के नाम पर नकली डीईएफ बेच रहे हैं। 30 अगस्त को लोधा थाना पुलिस को इसकी सूचना दी।
सूचना पर लोधा थाना पुलिस के साथ जाकर दुकान पर छापा मारा और इसकी जांच कराई गई। मौके पर टाटा मोटर्स कंपनी के नाम से 20 लीटर वाली नकली डीईएफ की 21 बाल्टियां बरामद हुई। इसमें एक बाल्टी नमूना के तौर पर निकाल कर बाकी माल सील किया गया। टाटा मोटर्स कंपनी के उत्पाद का नकली उत्पाद बेचना अपराध है। लोधा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।