इस्लामिक विद्वान तारिक फतेह के आने की खबर लगते ही विरोध होना शुरू हो गया है। कुछ लोगों ने कह दिया है कि अगर वे आए तो ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे को नुकसान पहुंचेगा।
तारिक फतेह 11 जून को शहर में आएंगे। ‘आहुति’ संस्था की ओर से डीएस कॉलेज के सभागार में आयोजित ‘विश्व शांति और इस्लाम-एक संवाद’ में फतेह मुख्य वक्ता होंगे। मुख्य अतिथि भारतीय रक्षा विशेषज्ञ सेवानिवृत्त मेजर गौरव आर्य होंगे।
अध्यक्षता एनआईएमएस विश्वविद्यालय राजस्थान के पूर्व उप कुलपति प्रोफेसर केसी सिंघल करेंगे। कार्यक्रम संयोजक अखिल मांगलिक, अध्यक्ष अशोक चौधरी, महासचिव डॉ. मधु आंधीवाल ने यह जानकारी दी।
ऐसे में समाजसेवी मुजाहिद शेरवानी का कहना है कि नौरंगी लाल इंटर कॉलेज में अफसरों और संभ्रांत लोगों की बैठक हुई थी, जिसमें शहर के सौहार्द कायम रखने के लिए बातें की गई थीं, लेकिन अब रमजान में तारिक को बुलाया जा रहा है। यह शहर के लिए ठीक नहीं है। अगर वाकई में विश्वशांति की बातें करनी होतीं, तो बरेली या देवबंद से उलेमा को बुलवाया जाता। तारिक का विरोध किया जाएगा।
समाजसेवी गुलजार अहमद ने कहा कि तारिक फतेह जैसे लोग धर्म के नाम पर झगड़े कराकर अपनी रोटियां सेंकते हैं। जो अपने मजहब का नहीं हो सकता, वह किसी का नहीं हो सकता। प्रशासन को तारिक फतेह को नहीं आने देना चाहिए।