दिल्ली जा रही टीएडी रविवार सुबह बरहन और चमरौला रेलवे स्टेशन के बीच पहिया जाम होने से खड़ी हो गई। गार्ड ने चमरौला रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर को सूचना दी। ट्रेन को लूप लाइन में खड़ा कर उसकी जांच शुरू कर दी गई।
एनसीआर के सीपीआरओ गौरव कृष्ण बंसल ने बताया कि टीएडी पैसेंजर बरहन से आगे निकली ही थी तभी एक कोच के पहिए से घिसटने की आवाज आने लगी। उसमें ब्रेक बाइडिंग हो गई थी। गार्ड ने इसकी सूचना ड्राइवर और चमरौला स्टेशन और रेलवे कंट्रोल को दी।
चमरौला स्टेशन से पहले गेटमैन ने भी इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को दी। ट्रेन को लगभग साढ़े सात बजे चमरौला स्टेशन की लूप लाइन पर रोक दिया गया। रेलवे की टीम ने इसकी जांच शुरू कर दी, जांच में पता चला कि पहिये की बैरिंग जाम होने से पहिया घूम नहीं रहा है।
उसमें ब्रेक बाइडिंग भी हो गई थी। ट्रेन को इसी स्टेशन पर रद्द कर दिया गया। इसके बाद यात्रियों को टूंडला-अलीगढ पैसेंजर ट्रेन से दिल्ली रवाना किया गया। समय से ट्रेन की गड़बड़ी को देखने वाले गार्ड और अन्य रेलकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा।
तीन घंटे स्टेशन पर परेशान रहे यात्री
टीएडी पैसेंजर ट्रेन में आई खराबी के कारण गर्मी के मौसम में तीन घंटे यात्रियाें ने रेलवे स्टेशन पर गुजारे। टीएडी पैसेंजर ट्रेन खराबी के चलते चमरौला रेलवे स्टेशन पर सुबह करीब 7:30 बजे पहुंची। इसके बाद ये ट्रेन रद्द कर दी गई।
जिससे दिल्ली जाने वाले मुसाफिरों को दूसरी ट्रेनों से दिल्ली का सफर करना पड़ा। एमएसटी वाले मुसाफिरों को तीन घंटे तक दूसरी ईएमयू ट्रेन का इंतजार करना पड़ा।
अलीगढ़ जंक्शन पर बढ़ाई सुरक्षा, एटीएस चौकस
मुजफ्फरनगर में ट्रेन हादसे में आतंकी साजिश की आशंका को देखते हुए अलीगढ़ जंक्शन पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रविवार रात एटीएस ने स्टेशन परिसर से रेलवे ट्रैक तक पड़ताल की। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
आरपीएफ इंस्पेक्टर नवल किशोर ने बताया कि स्थानीय पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने स्टेशन पर सुरक्षा की पड़ताल की है। उनके स्तर से बम स्क्वायड, डॉग स्क्वायड और जीआरपी के साथ समय-समय पर चेकिंग की जा रही है।
इधर, अलीगढ़ के आसपास रेलवे ट्रैक पर लगने वाले कॉशन का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। ट्रेनों के ड्राइवरों को भी इसकी हिदायत दी जा रही है। गौर हो कि इससे पहले अलीगढ़ में 2/3 फरवरी को सोमना के पास रेलवे ट्रैक को नीचे से खोद दिया गया था।
इस घटना के बाद ही अलीगढ़ में पीएम नरेंद्र मोदी की रैली पांच फरवरी को हुई थी। माना जा रहा था कि पीएम की रैली से पहले आतंकी कोई बड़ी वारदात करने की फिराक में थे। हालांकि बाद में पुलिस ने खुलासा किया कि एक मोबाइल चिप को लेकर कुछ ग्रामीणों ने ट्रैक को खोद दिया था। अभी हाल ही में दो अगस्त को खुर्जा के पास शताब्दी एक्सप्रेस दो हिस्सों में बंट गई थी।