फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिंडिकेट ने पंचायत चुनाव तक तालानगरी में भी बनाई थी जहरीली शराब

विज्ञापन
विज्ञापन
जहरीली शराब कांड में उजागर हुए माफिया पूरा सिंडिकेट चला रहे थे। लगातार चल रही पूछताछ में जो राज उजागर हो रहे हैं, वे वाकई चौंकाने वाले हैं। पूछताछ में सामने आया है कि इस सिंडिकेट ने अधौन के अलावा तालानगरी में भी एक नकली शराब फैक्टरी किराये पर फैक्टरी लेकर चलाई थी। उस फैक्टरी से पंचायत चुनाव में शराब खपाई गई और चुनाव निपटते ही उसे बंद कर दिया गया। इस खुलासे पर पुलिस ने उस ठिकाने पर जांच की, मगर वहां सब बंद मिला। अब उस फैक्टरी मालिक को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
विज्ञापन

पुलिस द्वारा अब तक मुख्य शराब माफिया के रूप में अनिल चौधरी, मुनीष शर्मा, शराब सप्लायर विपिन यादव, शिवकुमार को गिरफ्तार किया गया है। उनसे पूछताछ में जो तथ्य सामने आ रहे हैं। उन पर गौर करें तो जिले में एक नहीं दो फैक्टरी थीं। इनमें से एक फैक्टरी को तो पुलिस ने विपिन की गिरफ्तारी के बाद अधौन में पकड़ा था। मगर अब दूसरी फैक्टरी की जानकारी मिली है कि वह तालानगरी में चलाई थी। जिसे बंद कर दिया गया था। इसके पीछे मकसद था कि चुनाव में शराब की खपत अधिक हुई, इसलिए दो-दो फैक्ट्रियां चलाई गईं। पुलिस अब यह जानने का प्रयास कर रही है कि तालानगरी में फैक्टरी किराये पर लेकर चलाई गई थी या उस फैक्टरी का संचालक भी इस रैकेट का साझेदार था। इसके लिए उस फैक्टरी संचालक से भी पूछताछ की जा रही है।
गैर जनपद के दो सप्लायरों से भी मिलता था केमिकल
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि इस रैकेट को तालानगरी के केमिकल कारोबारी विजेंद्र कपूर के अलावा गैर जनपद के दो अन्य सप्लायरों से भी केमिकल मिला करता था। पुलिस ने उन दोनों सप्लायरों को भी तलाशना शुरू कर दिया है। वे क्या वैध तरीके से केमिकल बेचते हैं। अवैध शराब वालों को सप्लाई कैसे दे रहे थे। कहीं और भी तो वे लोग सप्लाई नहीं दे रहे। इन तमाम सवालों पर पुलिस काम कर रही है।
विज्ञापन

हरियाणा से आता था नकली पैकिंग का पूरा सामान
पूछताछ में यह भी उजागर हुआ है कि ये लोग नकली शराब पैकिंग का पूरा सामान हरियाणा से लेकर आया करते थे। इसके लिए बाकायदा शिवकुमार, विपिन, अनिल, ऋषि के अपने-अपने संपर्क थे। वहां बड़े पैमाने पर नकली पैकिंग उत्पाद तैयार करने का कारोबार होता है।
हाथरस भी जाती थी सप्लाई, 15 नाम और सामने आए
पुलिस पूछताछ में इन लोगों ने हाथरस भी सप्लाई जाने की बात स्वीकारी है। साथ में एक दर्जन छोटे बड़े सप्लायरों या कारोबार से जुड़े मददगारों के नाम भी बताए हैं। पुलिस अब उन्हें भी एक-एक कर पकड़ने का काम कर रही है। इनमें कुछ ठेकेदार बताए गए हैं। कुछ अवैध शराब बेचने वाले और कुछ इन लोगों को सप्लाई देने वाले हैं। इन सभी को पकड़कर इनके लिंक जोड़ने का प्रयास पुलिस टीमें कर रही हैं।
- हमारी पुलिस टीमें लगातार आरोपियों की धरपकड़ और उनसे पूछताछ का काम कर रही हैं, जो भी तथ्य सामने आ रहे हैं। उन्हें जांच में शामिल किया जा रहा है और इस पूरे सिंडिकेट के लिंक जोड़े जा रहे हैं। इन सभी पर तगड़ी कार्रवाई होंगी।
विज्ञापन

- कलानिधि नैथानी, एसएसपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें