सैयद और शेख आपस में सबसे ज्यादा करीब हैं। फिर पठान, उसके बाद अंसारी और सबसे पुराने कुरैशी समुदाय अलग माने गए हैं। अध्ययन के अनुसार सबसे अधिक पाया जाने वाला रक्त समूह ओ (30.05 फीसदी) था। इसके बाद अन्य रक्त समूह थे। सैयद और अंसारी समूहों में एबीओ मार्कर में महत्वपूर्ण अंतर पाया गया। इस अध्ययन में चार आनुवांशिक मार्कर का विश्लेषण किया गया। इनमें ए-1 ए-2 बीओ रक्त समूह प्रणाली, आरएच (डी) फैक्टर, पीटीसी स्वाद ग्रहण क्षमता, लाल-हरा रंगांधता शामिल रहे।
यह अध्ययन उत्तर भारतीय मुस्लिम आबादी की आनुवांशिक बुनावट, उनकी उत्पत्ति, प्रवास और विविधता को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।-प्रो. मोहम्मद अफजाल, सुपरवाइजर
मुख्य बातें
- सैफी समुदाय में आरएच-निगेटिव व्यक्तियों की संख्या सर्वाधिक 18 फीसदी पाई गई।
- लाल-हरा रंगांधता की सबसे अधिक दर भी सैफी समुदाय आठ फीसदी दर्ज हुई।
- पठान समुदाय में पीटीसी स्वादकर्ताओं की संख्या सबसे अधिक (60.62 फीसदी) मिली।
- सैफी समुदाय में गैर-स्वादकर्ता प्रतिशत सर्वाधिक पाया गया।