महानगर के कोतवाली थाना क्षेत्र के भुजपुरा इलाके की मदीना कॉलोनी में संचालित छोटी-बड़ी नौ औद्योगिक इकाइयों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों की अनदेखी करना भारी पड़ गया है। इन सभी के खिलाफ बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी रामगोपाल ने आईजीआरएस पोर्टल पर हुई शिकायत के बाद कमिश्नर के आदेश पर जांच की है। इस जांच में सभी इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण यानी जहरीली गैस, धुएं को वायु में न फैलने देने का कोई भी इंतजाम नहीं मिला है।
शिकायतकर्ता मुनाजीर खान निवासी मदीना कॉलोनी, भुजपुरा की ओर से बीते दिनों आईजीआरएस पोर्टल पर मदीना कॉलोनी में रंजीत कुमार द्वारा संचालित की जा रही यूनिट सिद्धार्थ ट्रेडर्स, कल्लू खान द्वारा संचालित की जा रही भट्टी, मो. शमीम द्वारा संचालित की जा रही एस्सार मैटल फैक्टरी की भट्टी, साजिद द्वारा संचालित की जा रही भट्टी, अब्दुल वाजीद द्वारा संचालित की जा रही भट्टी, सलीम द्वारा संचालित की जा रही यूूनिट-1 और यूनिट-2 की भट्टी, राशीद द्वारा संचालित की जा रही भट्टी, साकिर द्वारा संचालित की जा रही मै. एचएस मैटल यूनिट से मदीना कॉलोनी जैसे आवासीय इलाके में फैल रहे वायु प्रदूषण के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
इस शिकायत के आधार पर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जांच की गई तो मामला सही पाया गया। इसके आधार पर क्षेत्रीय अधिकारी राम गोपाल ने रिपोर्ट तैयार कर मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी को सौंपी। साथ ही एक रिपोर्ट शासन को भेज धारा 31ए के तहत इन फैक्टरी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने की संस्तुति की है। मंडलायुक्त ने बताया कि किसी भी हाल में प्रदूषण फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। कोई भी औद्योगिक इकाई की स्थापना से पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों को जरूर पूरा करे। रामगोपाल ने बताया कि धारा 31ए के तहत पहले इकाई संचालक को नोटिस भेजने और जवाब से संतुष्टि न होने पर इकाई को बंद कराने का प्रावधान है।