आठ बजे के आसपास खाना खाने के बाद मुकेश बिस्तर पर लेट गए थे। इसके बाद दोनों बेटियां टीवी देख रही थीं। तभी दस बजे के आसपास छोटी बेटी माही का ध्यान गया कि आज पापा हर दिन की तरह खर्राटे नहीं ले रहे। बल्कि उन्होंने अचानक से दो तीन हिचकी जरूर नींद में ही सोते समय ली ।
टप्पल के गांव मालव से जनगणना ड्यूटी से लौटे सुपरवाइजर मुकेश पिप्पल की 26 मई शाम गर्मी से तबीयत बिगड़ गई। परिजन आनन-फानन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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सारसौल बाईपास के नवीन नगर निवासी 46 वर्षीय मुकेश पिप्पल टप्पल के जमुना खंड इंटर कॉलेज में प्रवक्ता पद पर तैनात थे। परिवार में पत्नी के अलावा बड़ी बेटी, उससे छोटा बेटा ललित व छोटी बेटी माही हैं। बेटे ललित के अनुसार उनके पिता की बतौर जनगणना सुपरवाइजर ड्यूटी लगी थी। वह रोजाना बाइक से ही ड्यूटी पर जाते थे। उच्च रक्तचाप व मधुमेह से भी ग्रसित थे। 26 मई को मालव में जनगणना कराने के बाद मुकेश पिप्पल शाम करीब छह बजे घर लौटे।
बेटे ने बताया कि जब वह आए तो उन्होंने बातचीत में मां व बहनों से गर्मी लगने की बात कही। बताया कि घबराहट हो रही है। उस समय उनका शरीर तप रहा था। कुछ देर लेटने के बाद आराम मिलने पर उन्होंने खाना खाया और लेट गए। रात करीब 10 से 10:30 बजे के मध्य तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। खबर पर सुबह साथी शिक्षक व डीआईओएस उनके आवास पर पहुंचे। सभी अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
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परिजनों ने बिलखते हुए बताया कि आठ बजे के आसपास खाना खाने के बाद मुकेश बिस्तर पर लेट गए थे। इसके बाद दोनों बेटियां टीवी देख रही थीं। तभी दस बजे के आसपास छोटी बेटी माही का ध्यान गया कि आज पापा हर दिन की तरह खर्राटे नहीं ले रहे। बल्कि उन्होंने अचानक से दो तीन हिचकी जरूर नींद में ही सोते समय ली हैं। जब उसने पापा को हिलाया तो वे हिले नहीं। बाद में शोर मचाकर मां व पड़ोसी को जगाया। इस पर हैरान परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे।
मुकेश पिप्पल के घर पहुंचने पर परिजनों ने बताया कि रात में खाना खाकर सो गए थे। अचानक तबीयत खराब हुई और उनका निधन हो गया। शिक्षक के निधन पर गहरा दुख है। विभाग को अपूरणीय क्षति पहुंची है।-डॉ.पूरन सिंह, डीआईओएस