फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Aligarh News: सांप के जहर से ज्यादा रहा अंधविश्वास का विष, किशोरी की मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
क्षेत्र के गांव गड़िया माछुआ में मंगलवार तड़के मां के साथ सो रही किशोरी को सांप ने डस लिया। परिजन अंधविश्वास के चलते बायगीरों से किशोरी का झाड़-फूंक से पांच घंटे तक इलाज कराते रहे। हालत बिगड़ने पर जेएन मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया, जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
विज्ञापन




ग्राम पंचायत आजमाबाद माछुआ के पूर्व प्रधान जीतपाल सिंह ने बताया कि गांव गड़िया माछुआ के हरेंद्र सिंह की नातिन कीर्ति (13) और नाती केके (10 ) सोमवार रात अपनी मां के साथ बेड पर सोए हुए थे। सबसे बड़ा बेटा योगी (15) बाबा के पास हुआ था।



मंगलवार तड़के करीब 3.00 सुबह बजे सांप ने कीर्ति की गर्दन पर डस लिया, इस पर वह जाग गई और परिजनों को जानकारी दी। परिजनों ने कमरे के बेड और आसपास तलाश किया तो उन्हें एक सांप दिखाई दिया, इस पर परिजनों ने मोबाइल से सांप का वीडियो बनाने के साथ उसका फोटो खींच लिया और आसपास के बायगीरों को बुलाया।
विज्ञापन





बायगीरों ने सांप का फोटो देखने के बाद झाड़-फूंक से किशोरी का इलाज शुरू कराया। इस बीच उसकी हालत लगातार बिगड़ती रही, करीब पांच घंटे बाद जब बायगीरों ने हाथ खड़े कर दिए तो हालत नाजुक देखकर सुबह 8:30 बजे कीर्ति को जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाकर भर्ती करा दिया, जहां उपचार के दौरान मंगलवार रात 8:00 बजे करीब उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर परिजनों को सौंप दिया, जिसका बुधवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया है।




एक मीटर लंबा था सांप



मृतका के बाबा हरेंद्र सिंह ने बताया कि सांप करीब एक मीटर लंबा था, जिसे डंडे से मारने का प्रयास किया तो ग्रामीणों ने यह कहकर रोक दिया कनागत (श्राद्ध पक्ष) चल रहे हैं, इस बीच सांप कमरे से निकल कर कहीं चला गया, जिसे आज भी बच्चों ने देखा गया है। सांप का वीडियो जेएन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों को भी दिखाया था, जिन्होंने उसे बहुत जहरीला बताया था, उनके इकलौते बेटे संजीव कुमार की चार साल पहले मौत हो चुकी है, अब नातिन की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।











जिला अस्पताल और सीएचसी में एंटी वेनम मौजूद हैं। सर्पदंश के मामलों में बायगीर और झाड़-फूंक के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए, पीड़ित को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए। डॉ. जगवीर वर्मा, सीएएमस जिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें