2 अक्टूबर 1962 को विश्वविद्यालय के बायो केमिस्ट्री डिपार्टमेंट में मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन हुआ। 1955 में डॉ. जाकिर हुसैन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल सऊदी अरब भी गया। इस प्रतिनिधिमंडल में नवाब इब्ने खान छतारी भी शामिल थे, जो आज भी मौजूद हैं। उस समय सऊदी अरब के किंग अब्दुल्ला ने 10 लाख रुपये मेडिकल कॉलेज के लिए दिए थे।
एएमयू के पूर्व जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राहत अबरार ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना से पहले ही विश्वविद्यालय में इंस्टीट्यूट ऑफ आप्थामोलॉजी संचालित हो रहा था। 1985 में तत्कालीन कुलपति हाशिम ने मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 100 कर दी। इसके बाद 1998 में उस समय की कुलपति महमूद उर रहमान ने सीटों की संख्या बढ़ाकर 150 कर दी।