कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले दो साल से बाहर नहीं जा पाने वाले लोग इस बार गर्मी की छुट्टियों में बाहर जाने का प्लान बना रहे हैं। स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां हो जाने से जम्मू- कश्मीर, शिमला, मनाली जैसे हिल स्टेशनों के साथ ही तीर्थयात्रा का सफर भी शुरू हो गया है। साथ ही शादियों की बहार आने से ट्रेन में यात्रा करने वाले लोगों की संख्या बढ़ गई है। प्रीमियम ट्रेनों के अलावा, सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनों में कंफर्म टिकट की मांग इतनी बढ़ गई है कि लोगों को टिकट ही नहीं मिल पा रहे।
गर्मी का मौसम होने के कारण ट्रेनों में काफी भीड़ चल रही है। धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वालों को कई ट्रेनों में आरक्षित टिकट मिलना भी मुश्किल हो गया है। प्रतीक्षा सूची इतनी लंबी हो गई है कि कंफर्म होने की गुंजाइश भी नाम मात्र ही दिख रही है। ट्रेनों में बड़ी संख्या में अग्रिम आरक्षित टिकट कराने के कारण इन शहरों को जाने वाली ट्रेनों में सीट उपलब्ध नहीं है और नो-रूम (जगह नहीं) की स्थिति बन गई है। ऐसे में जम्मूतवी, हमसफर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में यात्रियों को टिकट ही नहीं मिल पा रहे हैं। मजबूरन उन्हें यात्रा करने का इरादा छोड़ना पड़ रहा है। स्कूली में गर्मी की छुट्टी व शादी-विवाह का मौसम होने के कारण यह समस्या बनी हुई है। बच्चों के संग अन्य राज्यों का सफर काफी हो रहा है। ट्रेनों में अगले कई दिनों तक के लिए बर्थ उपलब्ध नहीं है। इससे एडवांस में सीट का रिजर्वेशन नहीं कराने वाले यात्री ज्यादा परेशान नजर आ रहे हैं। जनरल व स्लीपर बोगियों में चढ़ना-उतरना मुश्किल होता जा रहा है। ट्रेन में बैठने व उतरने में लोगों में कहासुनी तक होने लगी है। यात्रियों का कहना है कि दो वर्ष के बाद छुट्टियों का यह पहला दौर है। जब ट्रेनों में होने वाली भीड़ लॉकडाउन के पहले के दिनों की याद दिलाने लगी है।
- गर्मी व यात्रियों की संख्या को देखते हुए समर स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही है। कई ट्रेनों में यात्रियों की सुविधा के लिए कोच भी बढ़ाए गए हैं। - अमित सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर मध्य रेलवे